अहमदाबाद : फोन करने के तीसरे दिन आई एम्ब्युलेंस, समय से इलाज ना मिल पाने के कारण बुजुर्ग की हुई मौत

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

समय पर इलाज ना हो पाने के कारण दादा की मौत से आहत हुआ पौत्र, बताई अपनी दर्दनाक व्यथा

देश भर में बढ़ रही कोरोना महामारी के कई अस्पतालों में मरीजों का अंबार लगा हुआ है। बढ़ रहे केसों के कारण कई अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड नहीं है और जिसके कारण इलाज ना होने की वजह से उनकी मौत हो रही है। शहर के नरोड़ा इलाके में रहने वाले 85 वर्षीय बुजुर्ग की भी इसी कारण से मौत हो गई। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 5 बजे के आसपास मृतक के परिवार द्वारा 108 को फोन किया गया था। हालांकि मरीजों की अपार संख्या के कारण एम्ब्युलेंस सीधा तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 9 बजे आई थी। इसके बाद भी लगभग डेढ़ से डॉ घंटो तक उन्हें वेटिंग में रहना पड़ा था। जिसके बाद मरीज को दाखिल किया गया। हालांकि भर्ती करने के डेढ़-डॉ घंटे के बाद ही लगभग 12:30 के आसपास उनकी मौत हो गई थी। परिवार का कहना है की यदि समयपर इलाज हुआ होता तो उनके स्वजन आज जीवित होते। 
मीडिया से बात करते हुये मृतक के पौत्र संदीप साधू ने बताया की उनके दादा को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एक निजी अस्पताल में टेस्ट करवाया तो वह कोविड पॉज़िटिव आया। जैसे ही रिपोर्ट के पॉज़िटिव होने की बात पता चली के तुरंत ही उन्होंने 108 को फोन किया। हालांकि 108 के आने के कोई संभावना नहीं थी, इसलिए उन्होंने घर में ही इलाज शुरू किया। इस दौरान तीसरे दिन सुबह 6 बजे उनके यहाँ फोन आया की क्या आपको अभी भी 108 की जरूरत है, तो परिवार ने हा बोला। जिसके तीन घंटे बाद 108 वहाँ आई थी। एम्ब्युलेंस के आने के बाद किसी अन्य अस्पताल में जगह खाली ना होने के कारण उन्हें 1200 बेड के अस्पताल में ले आया गया। 
पौत्र का कहना है की सोमवार को उनका ऑक्सीज़न लेवल 80 पर था, पर अस्पताल लाते-लाते वह 55 हो गया था। उनका कहना है की समय पर इलाज ना मिलने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। यदि समयसे उनका इलाज शुरू हुआ होता तो शायद वह बच सकते थे। बता दे कि शहर में बढ़ रहे संक्रमण के कारण लगातार एम्ब्युलेंस के लिए कॉल आ रहे है। हालांकि सभी जगह पर एम्ब्युलेंस नहीं पहुँच पा रही है। जिसके चलते कई लोगों कि इयाल्ज़ ना करवा सक्ने के कारण उनकी मौत हो रही है। 

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