अहमदाबाद : गुजरात महिला आर्थिक विकास निगम के स्वावलंबन योजना के तहत महिलाएं बन रहीं सशक्त

राजपिपला के टाउन हॉल में आयोजित नंदोद तालुका स्तर के नारी सम्मेलन के कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया

महिला स्वावलंबन योजना के तहत पिछले 3 वर्षों में 2579 बहनों को रु. 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिए गए ऋण से महिलाएं बन रही सक्षम

 नर्मदा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पर्युषाबेन वसावा, जिला पंचायत महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती श्रद्धाबेन बारिया, कार्यकारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती ममताबेन तडवी, स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष श्रीमती नीलांबरीबेन परमार की उपस्थिति में पूर्व सदस्य श्रीमती भारतीबेन तड़वी, प्रांतीय अधिकारी केडी भगत और जिले के अन्य पदाधिकारी / अधिकारी और महिला लाभार्थी, राजपिपला के टाउन हॉल में आयोजित नंदोद तालुका स्तर के नारी सम्मेलन के कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पर्युषाबेन वसावा एवं उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट का वितरण किया गया।
   जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पर्युषाबेन वसावा ने नारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ महिलाएं आत्मनिर्भर बने और अपने परिवार की आर्थिक मदद करे इसके लिए महिला उत्कर्ष योजना के अंतर्गत बिना ब्याज सखी मंडलों को 1 लाख रुपये की ऋण योजना महिला सशक्तिकरण के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। गुजरात महिला आर्थिक विकास निगम के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पिछले 3 वर्षों में 2579 बहनों को रु. 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है और इस ऋण के उपयोग से आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। 
जब से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने राज्य के विकास में महिलाओं की भागीदारी दर्ज करने के लिए महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है, तभी से संवेदनशील मुख्यमंत्री  विजयभाई रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल नेतृत्व में विभिन्न महिला कल्याण योजनाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री  विजयभाई रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल। मिशन मंगलम के तहत सखी मंडल योजना के माध्यम से हमारे आदिवासी क्षेत्रों की बहनें अब बैंकों और सरकारी कार्यालयों में काम करने जा रही हैं। महिला उत्थान योजनाएं नर्मदा जिले के छोर के आंतरिक  इलाकों में बहनों तक पहुंचती हैं, जहां एक बड़ी आदिवासी आबादी है।
इस अवसर पर गुजरात बाल संरक्षण आयोग की पूर्व सदस्य श्रीमती भारतीबेन तड़वी ने सामयिक भाषण दिया। जबकि महिला न्यायालय की सुश्री भाविनीबेन वसावा ने महिलाओं को संविधान से मिले अधिकारों की जानकारी दी। 
      इस अवसर पर नादोद प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रगति महिला मंडल की अध्यक्ष एके सुमन, श्रीमती ज्योतिकाबेन सतवारा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, सुश्री हसीनाबेन मंसूरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्रीमती कृष्णा कुमारी पटेल, अदाणी फाउंडेशन की सुश्री शीतलबेन पटेल सहित विविध सखी मंडलों की बहनें उपस्थित रहीं। 
     प्रारंभ में आईसीडीएस प्रोग्राम ऑफिसर  श्रीमती कृष्णाकुमारी पटेल ने अपने स्वागत भाषण में महिला सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की। कार्यक्रम में पोषण संबंधी सामूहिक शपथ ली गई। अंत में सीडीपीओ नानोद  श्रीमती हेमांगिनीबेन चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के बाद उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने आंगनबाडी बहनों द्वारा विभिन्न व्यंजनों के प्रदर्शन का अवलोकन किया और आंगनबाडी छात्राओं की माताओं को ऐसे व्यंजनों के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान करने की वकालत की। 

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