अहमदाबाद : असमंजस के बीच शुरू हुई रथ यात्रा की तैयारी, इस बार शेरवानी में दिखेंगे भगवाग

अहमदाबाद में रथ यात्रा की फाइल तस्वीर

फ़िलहाल यात्रा को नहीं मिली है सरकारी इजाजत

एक तरफ अभी तक इस बात पर कोई फैसला नहीं आया है कि इस बार अहमदाबाद में रथयात्रा होगी या नहीं, लेकिन दूसरी तरफ जगन्नाथ मंदिर में तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। रथयात्रा के लिए भगवान का वाघा तैयार हो रहा है। हर साल की तरह इस साल भी भगवान वाघा के लिए एक वस्त्र गोकुल, मथुरा से मंगवाया गया है। इस वाघा पर जरदोशी, पैच और कुंदन का काम होगा।
आपको बता दें कि भगवान की पगड़ी में भी वैरायटी देखने को मिलेगी। मुकुट पाघ, रजवाड़ी पाघ, मोरपंख पाघ के साथ पहली बार भगवान के दर्शन किए जा सकते हैं। गुजराती बांधेज पगड़ी के लिए बांधनी खरीदी गई है। इस तरह भगवान का वाघा अलग-अलग रंगों में नजर आएंगे। इनमें लाल, हरे, नीले, पीले, नीले जैसे रंग होंगे जो भगवान (भगवान जगन्नाथ) को प्रिय हैं। इस वर्ष रथयात्रा के दिन भगवान शाही वेश धारण करेंगे। भगवान के लिए 6 जोड़ी वाघा बन रहे हैं। जिसमें विभिन्न कार्य देखे जा सकते हैं। भक्तों को भगवान इस वर्ष शेरवानी की तरह वाघा धारण किये हुए दर्शन देंगे। भगवान आमावस के दिन हरे रंग का वाघा ग्रहण करेगा। आपको बता दें कि अखात्रीज के दिन मुहूर्त से भगवान का वाघा बनाने का कार्य शुरू किया जाता है। इस साल सुनीलभाई 7 अन्य लोगों के साथ भगवान का वाघा तैयार कर रहे हैं।
फिलहाल वृंदावन में वाघा पर काम चल रहा है। मामा के घर से हर साल की तरह इस साल भी रूपा वाघा के बारे में पेश किया जाएगा। जिसमें रेड, ब्लू और ऑरेंज कलर के फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है। वहीं इस पर तरह-तरह के बहुरंगी काम किए जाएंगे। जिनके पैच वृंदावन से मंगवाए गए हैं। मामा के घर से भगवान को वाघा का एक जोड़ा चढ़ाया जाता है, जिसमें छोटे और बड़े कुल 100 वाघा तैयार किए जाते हैं। ममेरा का वाघा तैयार करने के लिए 9 लोगों की टीम पिछले 25 दिनों से यतिन भाई के साथ काम कर रही है। मम्मारा वाघा तैयार होने में अभी भी 10 दिन तक का समय लग सकता है।

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