अहमदाबाद : मन की बात में पीएम मोदी ने अहमदाबाद रथ यात्रा को किया याद

प्रतिकात्मक तस्वीर

 शहर के जगन्नाथ मंदिर से हर साल रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस बार आषाढ़ी सूद दूज के दिन 145वीं रथयात्रा का आयोजन किया गया है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में अहमदाबाद रथयात्रा के संदर्भ में भी संबोधित किया।  जिसमें उन्होंने कहा, मुझे अहमदाबाद की रथयात्रा में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
अपने मुख्य भाषण में, पीएम मोदी ने कहा, "गुजरात के अहमदाबाद में भी आषाढ सूद दूज को रथयात्रा निकलती है। जब मैं गुजरात में था तो मुझे भी इस यात्रा में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होता था। कच्छ का नया साल भी आषाढ सूद दूज के दिन से ही शुरू हो जाता है। मैं सभी कच्छी भाइयों और बहनों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं।'
उन्होंने आगे कहा, "यह दिन मेरे लिए भी खास है क्योंकि आषाढ़ी सूद दूज  के एक दिन पहले हमने गुजरात में संस्कृत उत्सव मनाना शुरू किया था। जिसमें संस्कृत भाषा में गीत और संगीत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। इस आयोजन का नाम है आषाढस्य प्रथम दिवस। इस त्योहार को खास नाम देने के पीछे एक खास वजह है। संस्कृत के महान कवि कालिदास ने आषाढ़ के पहले दिन 'मेधदूतम्' की रचना की थी। भगवान जगन्नाथ की तीर्थयात्रा में गरीबों और वंचितों की भागीदारी शामिल है।'
अपने मुख्य भाषण में पीएम मोदी ने कहा, "आज जब हमारा भारत तमाम क्षेत्रों में आसमान छू रहा है, तो आकाश या अंतरिक्ष इससे अछूता कैसे रह सकता है। पिछले कुछ सालों में स्पेस सेक्टर में काफी काम हुआ है। देश की उपलब्धियों में से एक इन-स्पेस नामक एजेंसी का निर्माण है। कुछ साल पहले हमारे देश में स्पेस सेक्टर में स्टार्टअप्स के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। आज इसकी संख्या 100 से अधिक है। उन्होंने कहा कि अगर देश का युवा आसमान छूने को तैयार है तो हमारा देश कैसे पीछे रह सकता है। 

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