अहमदाबाद: अभिभावकों को रास आने लगे सरकारी विद्यालय, महज दस दिनों में 17 हजार छात्रों ने लिया प्रवेश

बीते 3 सालों में से इस साल सबसे अधिक दाखले

शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों की महंगी फीस के कारण पिछले कुछ वर्षों में अहमदाबाद म्यूनिसिपल स्कूल बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस क्रम में सिर्फ 10 दिनों में लगभग 17 हजार छात्रों ने निजी स्कूलों से नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश लिया और अभी बहुत से छात्र प्रवेश के लिए कतार में हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में लगभग 25 हजार छात्रों द्वारा प्रवेश लिया जायेगा।
जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में नगर निगम के स्कूलों में 36,000 से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया है। इतना ही नहीं नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश के लिए एक प्रतीक्षा सूची भी तैयार होती है और अभिभावक अपने बच्चों को नगर निगम के स्कूलों में नामांकित करने के लिए विधायकों और पार्षदों से सिफारिशें लेकर आते हैं। निजी स्कूलों में दाखिले के लिए विधायकों की सिफारिश लाना आम बात थी लेकिन अब सरकारी विद्यालय के लिए भी माता-पिता विधायकों की सिफारिशों के साथ आ रहे हैं ये अनोखी बात है। पिछले 10 दिनों में कक्षा-11 के लगभग 1,500 छात्रों को नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश मिला है और जब तक स्कूल शुरू होंगे, तब तक निजी स्कूलों में कक्षा-11 से आने वाले छात्रों की संख्या 5,000 को पार कर जाने की संभावना है।
आपको बता दें कि अहमदाबाद नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित स्कूलों में उच्च योग्य शिक्षकों द्वारा प्रदान की जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ, सरकारी शैक्षिक योजनाएं, मुफ्त किताबें, बुनियादी ढांचा, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, बड़ा खेल का मैदान, मध्याह्न भोजन योजना व्यवस्था से अभिभावक अधिक प्रभावित हो रहे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों के नामांकन के लिए पिछले दिसंबर में नगर स्कूल बोर्ड द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया था। जिसके चलते इस साल नया सत्र शुरू होने के साथ ही नए छात्रों के प्रवेश आने शुरू हो गये हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम के स्कूलों में छात्रों को शिक्षा के अलावा ड्राइंग, संगीत, खेल, अन्य पढ़ने आदि सहित अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही स्कॉलरशिप परीक्षा पास करने वाले छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति जमा की जाती है। यही कारण है कि बीते तीन सालों में इस साल सबसे अधिक नए छात्रों का दाखला देखने को मिल रहा है।

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