अहमदाबाद : गुजरात में पढ़ने आया केन्याई नागरिक, पासपोर्ट खो जाने से लाचारी हालात में गुजार रही जिंदगी

पोपटभाई फाउंडेशन मदद कर रही है

ज्होन मकानी गुजरात पढ़ने आए और गुजरात विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त की

आणंद जिले के विद्यानगर में केन्या का एक छात्र पढ़ने आया था लेकिन उसका पासपोर्ट गुम हो गया है और अब उसकी जिंदगी भिखारी जैसी हो गई है। लाचारी हालात में वह गुजरात के आणंद में जिंदगी गुजार रहा है। क्योंकि बिना पासपोर्ट के वह अपने वतन नहीं लौट सकता। यह कहानी है केन्या के नागरिक ज्होन मकानी की। उनकी उम्र 50 साल है। कुछ समय पहले ज्होन मकानी गुजरात पढ़ने आए और गुजरात विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त की। दो साल पहले वह एक दोस्त की सलाह पर विद्यानगर आए थे, लेकिन कोरोना काल में उनके पास पैसे खत्म हो गए और रहने-खाने की व्यवस्था भी खराब होने लगी।


विद्यानगर के वड़ताल मंदिर में एक शख्स ने  ज्होन को मुफ्त में अस्पताल ले जाकर इलाज कराया


इसी दौरान उन्हें किसी से सूचना मिली कि आणंद में जलाराम सेवा ट्रस्ट में नि:शुल्क भोजन की सुविधा है और तभी से वह वहां भोजन करने जाते थे। इस बीच उसके पास जो भी दस्तावेज थे वह वहीं से चोरी हो गए। इस दस्तावेज़ में उनका पासपोर्ट भी था। पासपोर्ट चोरी होने पर उनकी हालत दयनीय हो गई और उन्हें सड़क पर रहने को मजबूर होना पड़ा।
खास बात यह है कि सड़क पर सोने से उनके पैर में त्वचा का संक्रमण हो गया और उनके पैर में बहुत दर्द हो रहा था। हालांकि विद्यानगर के वड़ताल मंदिर में एक शख्स ने  ज्होन को मुफ्त में अस्पताल ले जाकर इलाज कराकर इंसानियत दिखाई, लेकिन सवाल सिर्फ इतना ही नहीं है। चूंकि उसके पास पैसे नहीं थे, उसके पास भोजन और दवा के लिए बिना किसी मदद के जीने के लिए केवल सड़कें थीं। इसलिए उन्हें सड़क पर ही सोना पड़ा। इस बीच पोपटभाई फाउंडेशन में कार्यरत प्रतीकभाई की भनक लग गई और उन्हें आनंद नगर पालिका के आश्रय गृह में ले गए। 
केन्या के नागरिक ज्होन मकानी

ज्होन मकाना का सहारा बना पोपटभाई फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट 


यह संस्था हर जिले में सेवा कार्य करती है। वर्तमान में पोपटभाई फाउंडेशन के आनंद के  शेल्टर होम में 100 से अधिक लोगों को रखा गया है। पोपटभाई का कहना है कि हम सरकार को भी जरूर इसकी रिपोर्ट देंगे। ऐसे लोगों की मदद कर इन्हें  केन्या के नैरोबी में अपने गृहनगर वापस भेजने में मदद करेंगे।
ज्होन मकानी के पास एक मोबाइल फोन भी है जो टूट गया था, जिससे वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सकते थे, लेकिन इसे शेल्टर होम के केयर टेकर  धवल भाई  द्वारा मरम्मत के लिए दिया गया है। जैसे ही इसकी मरम्मत की जाएगी वह अपने परिवार को सूचित करेगा और उसे घर वापस जाने का प्रयास पोपटभाई फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। फिलहाल उनके पैर में स्किन इंफेक्शन है, जिसका इलाज भी हो चुका है, डॉक्टर के मुताबिक इसे जल्द ही ठीक किया जा सकता है।

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