अहमदाबाद : उच्च न्यायालय ने राज्य के विद्यालयों में नामांकन दर, ड्रॉपआउट रेशियो, स्टूडेंट्स-टीचर्स रेशियो पर संतोष व्यक्त किया : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी

हाई कोर्ट द्वारा व्यापक निरीक्षण कर शिक्षा क्षेत्र में सरकार के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया जाना शिक्षा विभाग के लिए गौरवपूर्ण बात: शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य की समग्र शिक्षा व्यवस्था को उत्तरोत्तर नई ऊँचाई पर ले जाने को राज्य सरकार कटिबद्ध
शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार के नेतृत्व वाली वरिष्ठ पीठ द्वारा राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में भवन सहित इन्फ़्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को लेकर व्यापक निरीक्षण कर सरकार के कामकाज पर संतोष व्यक्त किए जाने को राज्य के शिक्षा विभाग के लिए गौरवपूर्ण विषय बताते हुए इसका स्वागत किया है। गुजरात हाई कोर्ट ने कुछ अख़बारों में राज्य की छोटा उदेपुर तहसील के वागलवाडा गाँव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में भवन के अभाव में विद्यार्थियों को खुले में पढ़ाई करने से जुड़ी ख़बरें प्रकाशित होने पर स्वयं संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग से वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी थी।
श्री वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षा की राज्यव्यापी स्थिति का सम्पूर्ण विवरण राज्य सरकार के महाधिवक्ता  कमलभाई त्रिवेदी के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार तथा वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशुतोषजी की डिवीज़नल बेंच के समक्ष प्रस्तुत किया। इस संदर्भ में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की सराहना करते हुए जो निरीक्षण किए हैं, उसका विवरण महाधिवक्ता कमलभाई त्रिवेदी ने शिक्षा मंत्री को दिया।
शिक्षा मंत्री ने इस विवरण को सार्वजनिक करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने केवल छोटा उदेपुर के वागलवाडा स्कूल ही नहीं, बल्कि समग्र राज्य के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की सुविधाओं के विषय में प्राप्त विवरण से जो निष्कर्ष निकाले हैं, वे राज्य के शिक्षा विभाग के लिए प्रेरणास्पद बनेंगे। शिक्षा मंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने स्कूल बिल्डिंग, टॉयलेट तथा सेनिटेशन सुविधा, पानी की व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षा सुधार के क़दमों तथा स्टूडेंट्स-टीचर्स रेशियो, स्कूलों में खेल के मैदान जैसे विषयों का निरीक्षण किया। 
श्री वाघाणी ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने इस बात पर ग़ौर किया कि थर्ड पार्टी के रूप में नियुक्त किए गए दो युवा एडवोकेट्स का स्कूल सुविधाओं पर सकारात्मक अभिप्राय आया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भी अत्यंत सटीकतापूर्वक चर्चाएँ कर अपना पक्ष प्रस्तुत किया और स्कूलों में नामांकन से लेकर सुविधायुक्त स्कूल परिसर निर्माण के व्यापक बिंदु हाई कोर्ट के समक्ष रखे। श्री वाघाणी ने विवरण देते हुए आगे कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन दर वर्ष 2003-04 में 75 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में 100 प्रतिशत है। ड्रॉपआउट रेट 18.5 से घट कर 3 प्रतिशत, कक्षा 1 से 5 में बेटियों का ड्रॉपआउट रेट 11 से घट कर 1 प्रतिशत और कक्षा 6 से 8 में 22 से घट कर 3.8 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स-टीचर्स रेशियो भी वर्ष 2001-02 में 40:1 था, जो अब 28:1 हो गया है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने 2001 से 2021 तक 1 लाख 37 हज़ार नए स्कूली कमरों का निर्माण किया है।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने अपने निरीक्षण में यह भी नोट किया है कि राज्य सरकार मांग के अनुसार सरकारी स्कूलों के भवनों के निर्माण भी करती रही है। ‘समग्र शिक्षा’ द्वारा इस पूरे कामकाज को ऑनलाइन टेंडरिंग कर तेज़ बनाया गया है। श्री वाघाणी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस बात को भी ध्यान में लिया है कि विद्या समीक्षा केन्द्र द्वारा राज्य के लगभग 54 हज़ार प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के 4 लाख शिक्षकों और लगभग 1 करोड़ 45 लाख विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियो पर नज़र रखी जाती है, जिसने राज्य के विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम को इम्प्रूव करने में सहायता की है।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने राज्य भर के लगभग 32 हज़ार सरकारी प्राथमिक विद्यालयों, लगभग 2 लाख शिक्षकों की सुविधा के लिए शिक्षा तथा प्रशासनिक ढाँचागत व शैक्षणिक स्तर सहित सभी विषयों का निरीक्षण कर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया और सराहना की है।
गुजरात हाई कोर्ट के निरीक्षण तथा सराहना का स्वागत करते हुए शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के दिशा-दर्शन में राज्य सरकार प्राथमिक शिक्षा से लेकर समग्र शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सभी सुविधाएँ देने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के इस सकारात्मक रुख़ के परिणामस्वरूप शिक्षा क्षेत्र को नई ऊर्जा व प्रेरणा मिली है। शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा स्तर को अधिक से अधिक ऊँचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह सज्ज व संकल्पबद्ध है और रहेगी।

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