अहमदाबाद : सरकार ने राज्य में नवरात्रि के दौरान देर रात 12 बजे तक लाउड स्पीकर पर गरबा खेलने की अनुमति दी

प्रतिकारात्मक तस्वीर

राज्य के गृह मंत्री ने ट्वीट कर इस मामले की जानकारी दी

नवरात्रि में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। फिर सरकार ने देर रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर पर गरबा खेलने की अनुमति दे दी है। गरबा आयोजक 9 दिनों तक रात 12 बजे तक लाउड स्पीकर पर गरबा खेल सकेंगे। इस मामले में राज्य के गृह मंत्री ने ट्वीट कर इस मामले की जानकारी दी है।
गुजरात की संस्कृति का अहम हिस्सा एवं हर गुजराती की आत्मा समान मां दुर्गा का महोत्सव नवरात्रि में जनता के उमंग, आस्था, उत्साह एवं भावना को  प्राथमिकता देते हुए नवरात्रि में 9 दिन के लिए रात 12:00 बजे तक लाउड स्पीकर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की अनुमति दी गई है। हर्ष संघवी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। 

गुजरात की संस्कृति का अहम हिस्सा है नवरात्रि महोत्सव

इस मामले में हर्ष संघवी ने ट्वीट किया था कि, 'माँ दुर्गा के पर्व में, जो गुजरात की संस्कृति और हर गुजराती की आत्मा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, 12.00 बजे तक लाउड स्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की अनुमति दी गई है। लोगों के आनंद, उत्साह, आस्था और भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए नवरात्रि में 9 दिनों तक रात को 12 बजे तक लाउड स्पीकर पब्लिक एड्रेस सिस्टम बजाने की अनुमति दी है।

नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू हो रहा


गौरतलब है कि नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू हो रहा है। पूरे प्रदेश में गरबा आयोजक बड़ी धूमधाम से तैयारी कर रहे हैं। तो अब सरकार ने भी लाउड स्पीकर पर रात 12 बजे तक 9 दिन तक लाउड स्पीकर पर गरबा खेलने की इजाजत दे दी है। गरबा आयोजकों सहित खेलैयाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

नवरात्रि में नौ दिनों तक शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है


सनातन धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है। नवरात्रि में नौ दिनों तक शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके अलावा नौ दिनों तक सुबह-शाम माताजी और विभिन्न नैवेद्यों भी चढाई जाती है। गुजराती कैलेंडर के अनुसार, असो सूद एकम से असो सूद नोम तक नौ दिनों तक नवरात्रि मनाई जाती है। जबकि हिन्दी पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्रि मनाया जाती है।  इस नवरात्रि को 'शारदीय नवरात्रि' के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में चार नवरात्र होते हैं, शारदीय नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि, गुप्त नवरात्रि और पॉश नवरात्रि। इन चारों में 'शारदीय नवरात्रि' का विशेष महत्व है।

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