अहमदाबाद : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल बनासकाँठा के मेमदपुर प्राथमिक विद्यालय से 17वें विद्यालय प्रवेशोत्सव का करेंगे शुभारंभ

प्रतिकात्मक तस्वीर

गुजरात के 18 हज़ार गाँवों में स्थित 32,013 सरकारी स्कूलों में दिलाया जाएगा बच्चों को प्रवेश

वर्ष 2002 में कक्षा 1 से 8 के लिए स्कूल छोड़ने की दर 37.22 प्रतिशत थी, जो 20 साल बाद घटकर मात्र 3.07 प्रतिशत रह गई है
गुजरात सरकार गुरुवार से अगले तीन दिनों तक यानी 23, 24 और 25 जून के दिन अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम विद्यालय प्रवेशोत्स्व के 17वें संस्करण का शुभारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल बनासकाँठा ज़िले में वडगाम तहसील के मेमदपुर प्राथमिक स्कूल से इस कार्यक्रम क शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री दूसरे दिन तापी ज़िले में नीझर तहसील के रुमकीतलाव प्राथमिक विद्यालय में बच्चों का प्रवेश करवाएँगे। वहीं, इस कार्यक्रम के अंतिम यानी तीसरे दिन मुख्यमंत्री  पटेल अहमदाबाद शहर में महानगर पालिका के मेमनगर प्राथमिक विद्यालय का दौरा कर वहाँ बच्चों को प्रवेश दिलवाएँगे। 
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्ष (2020-21 और 2021-22) इस कार्यक्रम को आयोजित नहीं किया गया था और इससे पूर्व केवर्ष (2019-20) चक्रवात आने के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था।
विद्यालय प्रवेशोत्सव के 17वें संस्करण को राज्य के 18,000 गाँवों के 32,013 प्राथमिक स्कूलों में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, सांसद, विधायक, राज्य सरकार के सभी आईएएस-आईपीएस वरिष्ठ अधिकारी आदि तीन दिन (23, 24, 25 जून 2022) स्कूलों का दौरा करेंगे और स्वयं कक्षा 1 में बच्चों को प्रवेश दिलाएँगे। इन तीन दिनों में वे प्रतिदिन 3 स्कूलों का दौरा करेंगे और माता-पिता, समुदायों और स्कूलों को बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान हर दिन तीसरे विद्यालय में क्लस्टर के रूप में कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और 24 जून को ब्लॉक हेडक़्वॉर्टर्स में ब्लॉक स्तर की समीक्षा की जाएगी।  
इस कार्यक्रम की अब तक की सफलता को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बताया, ‘‘विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के कारण पिछले 20 वर्षों में गुजरात ने स्कूल छोड़ने की दर में 91.89 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी देखी है। 2002 में गुजरात में स्कूल छोड़ने की दर 37.22 प्रतिशत थी, जो 2022 में घटकर मात्र 3.07 प्रतिशत रह गई है। राज्य के हर एक बच्चे को शिक्षा प्राप्त हो;यही हमारी प्राथमिकता भी है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्रभाई मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने 2003 में इस अनूठे कार्यक्रम की शुरुआत की थी। हमें इस बात का गर्व है कि गुजरात इकलौता ऐसा राज्य है, जो इस अनूठे कार्यक्रम को हर वर्ष आयोजित करता है और सरकारी स्कूलों में बच्चे प्रवेश लें;इसे सुनिश्चित करता है।’’
‘‘प्राथमिक कक्षाओं में 100 प्रतिशत बच्चों का नामांकन हमारा लक्ष्य’’  : जीतूभाई वाघाणी, शिक्षा मंत्री 
जीतूभाई वाघाणी, शिक्षा मंत्री
गुजरात में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और इस कार्यक्रम की विशेषताओं के बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा, ‘‘गुजरात के हर बच्चे को गुणवत्ता शिक्षा प्राप्त हो;यही हमारा ध्येय है। प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले ये बच्चे ही हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। इसलिए यह हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। राज्य सरकार का विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम इस दिशा में अब तक पूरी तरह सफल साबित हुआ है। इस बार हमारा लक्ष्य 100 प्रतिशत पात्र बच्चों का नामांकन करना है।’’
आपको बता दें कि गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी पहले दिन (23जून) मेहसाणा ज़िले में बेचराजी तहसील का दौरा करेंगे और वहाँ तीन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाएँगे। वे 24 और 25 जून को क्रमशः आणंद ज़िले में उमरेठ तहसील के तीन स्कूलों और नर्मदा ज़िलेमें गरुड़ेश्वर तहसील के तीन प्राथमिक स्कूलों का दौरा कर वहाँ के बच्चों को प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश दिलाएँगे।
जन्म पंजीकरण और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के डेटाबेस को पहली बार किया जाएगा इंटीग्रेट
गुजरात सरकार विद्यालय प्रवेशोत्सव 17वें संस्करण में 100 प्रतिशत पात्र बच्चों के नामांकन का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के जन्म पंजीकरण के डेटा और विद्या समीक्षा केन्द्र के चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम को इंटीग्रेट करेगी। ऐसा कर राज्य सरकार यह देख पाएगी किराज्य में कितने बच्चों ने जन्म लिया है और उसके सापेक्ष कितने पात्र बच्चों ने प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश लिया है ? इस बार राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों में बीच में ही स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का यथोचित कक्षा 2 से 8 में पुन: नामांकन भी करेगी और साथ ही, बच्चों की अनुपस्थिति, और संभावित ड्रॉपआउट आदि को रोकने के लिए सभी निजी, अनुदान प्राप्त स्कूलों और सरकारी स्कूलों में नामांकित बच्चों की 100 प्रतिशत डेटा-एंट्री भी करेगी।

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