अहमदाबाद : कोरोना के कारण कम्यूनिटी हॉल की बुकिंग कैन्सल करने पर वापिस होगी 95 प्रतिशत राशि

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

कोरोना के चलते कई शादियाँ हो रही है स्थगित, जुलाई और दिसंबर में लोग शिफ्ट कर रहे है शादियाँ

राज्य में कोरोना के पॉजिटिव मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा दी है। साथ ही शादियों और अंत्येष्टि में भी लोगों को कोरोना के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सूचना दी गई है। अगर शादियों में ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निगम और पुलिस कार्रवाई करेगी। बता दे की सरकार द्वारा शादी में सिर्फ 50 लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत है। 
महामारी के कारण कई शादियां रद्द हो चुकी है। जिसके कारण मौसमी कारोबार करने वाले व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, लोग शादियों के लिए सामुदायिक हॉल और मैदान पहले से बुक कर लेते हैं। जिसका रिफ़ंड लेने पर भी उन्हें नुकसान हो रहा है। ऐसे में अहमदाबाद नगर निगम की ओर से उन लोगों के लिए एक अहम फैसला लिया गया है, जिन्होंने पहले ही कम्युनिटी हॉल बुक करवा लिया है। 
अहमदाबाद नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अगर शादी के लिए हॉल बुक करने वाले लोगों के लिए शादी हॉल रद्द कर दिया जाता है, तो केवल 5 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क लेकर और शेष राशि यानी 95 प्रतिशत राशि वापिस कर दी जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद में रात्रि कर्फ्यू के चलते करीब 100 शादियां जुलाई और दिसंबर तक के लिए टाल दी गई हैं।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

अहमदाबाद में कर्णावती विद्धत परिषद के अध्यक्ष समीर रावल और महासचिव भोला महाराज ने कहा कि शादी के शुभ दिन की तैयारी साल की शुरुआत में जनवरी में शुरू होती है। पिछले साल शादियों की संख्या कम होने के कारण 24 से 29 अप्रैल को तारीखें निर्धारित की गई थीं, लेकिन कोरोना द्वारा लगाए गए रात के कर्फ्यू के कारण लगभग 100 जितनी शादियाँ जुलाई और डिसेंबर महीने तक ले जाया गया है। 
राज्य के पुलिस प्रमुख आशीष भाटिया ने कहा, "लोगों को शादी के कार्यक्रम के बारे में पुलिस को पूर्वसूचित करना होगा। एक शादी में 50 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते और रात्रि के कर्फ्यू के दौरान शादी आयोजित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह पंजीकृत करने के लिए डिजिटल गुजरात पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। जिस स्थान के लिए पंजीकरण किया गया है, उसकी पुलिस द्वारा जांच की जाएगी और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है तो उस स्थान पर, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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