अहमदाबाद : वायुसेना के रसोइया गिरिजा रावत हत्याकांड में वायुसेना के तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर समेत 3 को आजीवन कारावास

प्रतिकात्मक तस्वीर

दोषी अधिकारियों में तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर अनूप सूद और तत्कालीन वायु सेना सार्जेंट अनिल के.एन तथा महेंद्र सिंह शेरावत का समावेश है

सीबीआई अदालत अहमदाबाद के एक विशेष न्यायाधीश ने जामनगर वायु सेना के कुक गिरिजा रावत की 1995 की हत्या के मामले में भारतीय वायु सेना के तीन अधिकारियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी अधिकारियों में तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर अनूप सूद और तत्कालीन वायु सेना सार्जेंट अनिल के.एन तथा महेंद्र सिंह शेरावत का समावेश है। घटना के विवरण के अनुसार, जामनगर वायु सेना में गिरिजा रावत वायु सेना -1, जामनगर में लगभग 15 वर्षों से डीएससी मेस में रसोइए के रूप में कार्यरत थे। गत 13-11-1995 को तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर अनूप सूद सहित वायु सेना के 10 से 12 पुलिस अधिकारियों ने गिरजा रावत के घर की तलाशी ली। वायुसेना कैंटीन से शराब चोरी करने की बात कबूल करने के लिए अधिकारी रावत को जबरन अपने साथ ले गए।
शाम को, रावत की पत्नी ने गार्ड रूम का दौरा किया और अधिकारियों से अपने  पति को रिहा करने का अनुरोध किया। आरोपी अधिकारियों ने रावत को अपराध कबूल करने के लिए प्रताडि़त किया जिससे उसकी मौत हो गई। रावत को ले जाने के दूसरे दिन 14-11-1995 को पत्नी को पति की मौत की सूचना दी गई और शव स्वीकार करने को कहा गया। गिरिजा रावत की हत्या का मामला जामनगर सिटी, बी डिवीजन थाने के वायु सेना स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें उपरोक्त आरोप लगाए गए थे। रावत की पत्नी ने गुजरात हाईकोर्ट में क्रिमिनल एप्लीकेशन कर पति की हत्या होने की बात कहकर सीबीआई जांच की मांग की थी। जनवरी 2012 में रावत की मौत के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने 22-2-2012 को मामला दर्ज कर जांच की थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष अदालत के एक न्यायाधीश ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया और चार अन्य को सजा सुनाई। 

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