एक पेड़ जो बिजली देता है!

(Photo Credit : twitter.com/sunnypandya)

सोलर ट्री प्रोजेक्ट के कारण ग्राउंड स्पेस का होता है 98 प्रतिशत तक का कम स्पेस

आज कल हर जगह रिन्युएबल एनर्जी का बोलबाला है। ऐसे में गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दिनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी के भूतपूर्व छात्र ने एक सोलर ट्री बनाया है, जिसके माध्यम से अब वह सोलर एनर्जी उत्पन्न हो रहा है। यह एक ऐसा पेड़ है जिसे फ़ोल्ड कर के किसी भी जगह पर रखा जा सकता है। शनि नामक इस छात्र शहरों में कम जगह में भी किस तरह सोलार प्रोजेक्ट का माल किया जा सकता है उसकी विभिन्न डिजाइन प्रस्तुत करती है। यह डिजाइन उन लोगों के लिए काफी काम आएगी जिनके पास जमीन नहीं है और वह सोलर पावर का इस्तेमाल करना चाहते है।
शनि पाण्ड्या ने सोलर ट्री की डिजाइन को विकसित किया है और वह उसे उत्पादित भी करते है। उन्होंने बिजली उत्पन्न करने के लिए ट्री यानि की पेड़ जैसी डिजाइन की सोलर पेनल्स लगाई है। उनका कहना है की इस तरह से सोलर पेनल लगाने से ग्राउंड स्पेस 98 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इस तकनीक का इस्तेमाल करने से सड़क के बीच में, फुटपाथ पर या बगीचों सहित कई जगहों पर इसे लगाया जा सकता है। फिलहाल शनि का एक प्रोजेक्ट खेड़ा जिले के शत्रुड़ा गाँव में भी है।
गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी सानंद में दो सोलर पावर ट्री लगाए है। शनि पंडया बताते है कि वह उनके ग्राहकों की जरूरत के आधार पर सोलर ट्री बनाकर देते है। अब तक उन्होंने पावर ट्री में 300 से अधिक स्ट्रीटलाइट लगाई है, जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलती है। सोलर ट्री के कारण उनके पास सौर-ऊर्जा संचालती स्ट्रीट लाइट है, जिसमें 1600 स्क्वेर फिट से भी अधिक जगह की बचत हुई है। 
उन्हें हाल ही में चर्चित सोनी टीवी शो शार्क टैंक में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। इस प्रकार, ऐसे समय में जब दुनिया में सौर ऊर्जा फलफूल रही है, गुजरात के बेटे द्वारा की गई खोज दुनिया में लोकप्रियता हासिल कर रही है। उनकी कंपनी का मूल्य वर्तमान में 80 करोड़ रुपए है।

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