कोरोना काल में 3.2 करोड़ भारतीय गरीब बन गए, ऐसा ये सर्वे कह रहा!

(Photo : IANS)

साल 2020 में माइनस में रहा ग्रोथ रेट

कोरोना का विषचक्र देश के लोगों को बुरी तरह से अपने आवेश में ले रहा है। पिछले एक साल से वार्षिक आय के कम होने के और बेरोजगारी के कारण भारत के मध्यम वर्ग के 3.2 करोड़ भारतीय गरीब बन गए है आइयसा अमेरिका की एक रिसर्च संस्था प्यु का कहना है। 
दिन के 150 रुपए से कम कमाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी
कोरोना के कारण मध्यम वर्ग में दर्ज लोगों की संख्या 9.9 करोड़ से घट कर 6.6 करोड़ हो गई है। मतलब की मध्यम वर्ग का लगभग तीसरा हिस्सा अब गरीब बन चुका है। देश में हर दिन 150 रुपए से कम कामने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर अब 7.5 करोड़ हो चुकी है। कोरोना के कारण भारत का विकास कई सालों तक पीछे हो गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के भारत का ग्रोथ रेट मात्र 8 प्रतिशत का अंदाजीत किया गया है। 
चीन से जल्द बढ़ी भारत में गरीबी
प्यु रिसर्च सेंटर के अनुसार चीन के मुक़ाबले भारत को कोरोना के कारण ज्यादा असर हुई है। 2011 से 2019 तक भारत में 5.7 करोड़ लोग मध्यम वर्ग में समाविष्ट हुये थे। पर यह अब घट चुकी है। इसके अलावा वर्ल्ड बैंक द्वारा भारत का ग्रोथ रेट साल 2020 के दौरान माइनस 9.6 प्रतिशत जबकि चीन का ग्रोथ रेट 2 प्रतिशत रह गया था। हालांकि भारत सरकार द्वारा इकोनोमी को मंदी में से बाहर लाने के लिए कई कदम उठाए गए है। ऐसे में आने वाले साल में भारत में ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत रहे ऐसी धारणा की गई है। 

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