18+ वैक्सीन नहीं इतनी आसान; कोई पंजीकरण के बाद जाता नहीं, कुछ को आता नहीं!

(Photo: IANS)

वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, सामने आ रही कई समस्याएं

देश में कोरोना के भारी संकट के बीच एक मई से राज्य के 10 जिलों में 18 से 44 साल के लोगों के लिए टीकाकरण का अगला शुरू हो चुका है। पहली मई से टीकाकरण के तीसरे चरण के लिए बुधवार को पहली बार रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया और रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही लोगों ने रजिस्ट्रेशन करने के लिए कोविन वेबसाइट पर टूट पड़े। इसने यह बता दिखा दिया कि कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में अब कोई शंका नहीं रह गई है। टीके लगवाने के लिए युवा सुबह से ही लाइन में लग जा रहे हैं।
आपको बता दें कि रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही लोगों ने रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया और इसके कारण कोविन प्लेटफार्म पर कुछ देर दिक्कत आई, लेकिन बाद में सामान्य तरीके से पंजीकरण होना शुरू हुआ। इसके अलावा सेंटर में अधिकांश जगह 45+ के लिए बुकिंग दिखा रही हैं। हालांकि इसके अलावा भी कई समस्या सामने आ रही हैं। सरकार ने 18 से 44 वाले आयु वर्ग के लोगों को टीका लगवाने के लिए अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया हैं लेकिन ऐसा भी देखा जा रहा हैं कि जो लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं वो अपने तय समय पर सेंटर पर ही नहीं पहुँच रहे जिससे उनके हिस्से की दवा बेकार हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसे समस्या भी सामने आई हैं कि बहुत से लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा पाने में असमर्थ हैं।
गौरतलब है कि वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के कारण लोग रजिस्ट्रेशन तो कर रहे है पर सेण्टर पर नहीं पहुँच रहे ऐसे में वैक्सीन की सील खोलने के बाद अगर वैक्सीन का उपयोग नहीं होता तो थोड़े समय बाद वैक्सीन ख़राब हो जाती हैं। ऐसे में ऐसा किया जा सकता हैं कि अगर कोई अपने तय समय पर नहीं आता तो उसकी जगह किसी और को बुला कर वैक्सीन दिया जाए जिससे वैक्सीन ख़राब हो और जरूरतमंद को लग सके। वहीं जो लोग रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते उनके लिए भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था खोजनी होगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें