वर्ष 2030 तक गुजरात में 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य : कनुभाई देसाई

देश में 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का है लक्ष्य

वर्ष 2030 तक गुजरात में 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य : कनुभाई देसाई

गांधीनगर, 21 फरवरी (हि.स.)। गुजरात विधानसभा में बुधवार को ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई ने बताया कि गुजरात सरकार वर्ष 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

बुधवार को गुजरात विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सब स्टेशनों के बगल की बेकार जमीन में सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने की योजना के संबंध में एक सवाल पूछा गया। इसका जवाब देते ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात में अनुपयोगी और बेकार पड़ी जमीन पर सोलर प्रोजेक्ट कार्यान्वित कर बिजली उत्पादन का अभिनव प्रयोग किया गया है। इतना ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को दिन में बिजली देने में गुजरात देश भर में प्रथम स्थान पर है। मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर, 2023 को सुरेन्द्रनगर जिले के खांडिया में बेकार जमीन पर 35 मेगावाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत किया गया है। इसके अलावा सायला में भी इसी योजना के तहत सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने की योजना है।

250 यूनिट तक इस्तेमाल पर किसानों से बिजली कर वसूली नहीं

एक अन्य सवाल के जवाब में कनुभाई देसाई ने कहा कि राज्य में भूपेन्द्र पटेल की सरकार हमेशा किसानों की चिंता करती है। गुजरात में किसानों से खेती के लिए बिजली कर नहीं वसूला जाता है। इससे किसानों को छूट दी गई है। पूरक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि निजी कंपनियों के पास बिजली रेग्युलेटरी की ओर से तय किए गए दर पर बिजली खरीदी जाती है। पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कर वर्ष 2007 में 10 फीसदी था, जो कि वर्ष 2012 में घटाकर 7.50 फीसदी किया गया। इसके तहत 250 यूनिट तक किसी प्रकार का बिजली कर नहीं वसूला जाता है। वहीं शहरी क्षेत्रों में पूर्व में सरकार वर्ष 1980 में 40 फीसदी बिजली कर वसूलती थी। भाजपा की सरकार ने वर्ष 2006 में 20 फीसदी और वर्ष 2012 में इसे कम कर 15 फीसदी कर चुकी है।

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