खूंटी की महिला उद्यमी रोहिणी ने कम समय में बनाई अलग पहचान

रोहिणी बरसात के दिनों में करीब तीन माह खेती-बारी का काम करती थी

खूंटी की महिला उद्यमी रोहिणी ने कम समय में बनाई अलग पहचान

खूंटी, 15 सितंबर (हि.स.)। जिले के मुरहू प्रखंड की बिचना पंचायत के अत्यंत पिछड़े गांव पेलोल की रहने वाली एक साधारण महिला रोहिणी तिड़ू ने कम समय में ही क्षेत्र में एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान बना ली है। अब वह व्यवसाय को बढ़ाकर वृहद पैमाने पर गेहूं के आटे की पैकेजिंग कर बिक्री करने की योजना बना रही है।

रोहिणी के परिवार में कुल छह सदस्य हैं। पति-पत्नी, मां और तीन बच्चे। कुछ वर्ष पहले तक परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी। रोहिणी दिन भर इसी चिंता में बेचैन रहती थी कि कैसे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आए ताकि वह भी बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सके। रोहिणी बरसात के दिनों में करीब तीन माह खेती-बारी का काम करती थी। बाकी समय परिवार की बेहतरी के लिए कुछ अलग काम कर आय का सृजन करना चाहती थी। बाद में उसे खूंटी जिले में कार्यरत स्वयंसेवी संस्था लीड्स के बारे में जानकारी मिली।

रोहिणी ने लीड्स संस्था के सहयोग से तीन एचपी पावर का सोलर सिंचाई पंप के लिए जरेडा के नाम से आवेदन दिया। तीन वर्ष पहले 2020 में उसकी बारी में सोलर सिंचाई पंप जरेडा द्वारा लगा दिया गया। इस पंप से वह परिवार के सहयोग से करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्रफल में कई तरह की फसलें लगाने लगी। साथ ही वह संस्था के प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने लगी। एक बार रोहिणी ने युवाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें युवाओं को स्वयं व्यवसाय करने तथा सरकारी योजना से जुड़कर लाभ लेने के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के पश्चात उसने धान कुटाई और गेहूं पिसाई की मशीन की खरीद की और रोजगार करने लगी। रोहिणी सुबह शाम अपने गांव के अलावा अगल-बगल के गांव वालों की धान कुटाई और गेंहू पिसाई का काम करने लगी। रोहिणी बताती है कि वह पिसाई से हर दिन सात से आठ सौ रुपये कमा लेती है। कृषि से भी उसे अच्छी आमदनी होने लगी। अब अपनी कमाई से बच्चों को एक अच्छे निजी विद्यालय में पढ़ा रही है।

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