गुजरात : आगामी दिनों में श्रमिकों को आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी : उद्योग मंत्री

गुजरात : आगामी दिनों में श्रमिकों को आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी : उद्योग मंत्री

उद्योग मंत्री ने आज से पाटन जिले के काडियानाका में दो फूड सेंटर का शुभारंभ किया

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत रविवार से पाटन जिले के कडियानाका में दो भोजन केन्द्रों का उद्घाटन किया गया है। इस योजना के तहत निर्माण श्रमिकों को 5 रुपये टोकन रेट पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ प्रदान किया जाएगा, जबकि सुखड़ी जैसे मिठाइयों को भी सप्ताह में एक बार शामिल किया जाएगा। ये फूड सेंटर जिले के गणपति मंदिर से सटे सुभाष चौक और गोल शेरी प्रखंड में शुरू किए गए हैं।  इन केन्द्रों का उद्घाटन करते हुए उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत ने कहा कि श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत अब 
तक 1.24 करोड़ से अधिक भोजन वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में इस योजना के तहत कुल 105 स्थानों पर सस्ता भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा उद्योग एवं लघु उद्योग मंत्री बलवंत सिंह ने बाहर से आने वाले मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की और कहा कि निकट भविष्य में आवास की व्यवस्था की जाएगी।

श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी : बलवंत सिंह

मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि निकट भविष्य में पाटन जिले के चाणस्मा, सिद्धपुर, राधनपुर, हारीज में फूड सेंटर शुरू किए जाएंगे। भोजन केंद्र पर धन्वंतरि रथ के माध्यम से श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिन श्रमिकों के पास ई-कार्ड नहीं है उन्हें 15 दिन तक टोकन के माध्यम से भोजन कराया जायेगा। निकट भविष्य में जिले के बाहर से आने वाले मजदूरों के लिए आवास की सुविधा भी सृजित की जाएगी। राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य राजुलबेन देसाई ने सुभाष चौक के अलावा पाटन के गोल शेरी नाका स्थित सधीमाता मंदिर के सामने एक फूड सेंटर का भी उद्घाटन किया। 

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का लाभ लेने के लिए क्या करें?

निर्माण श्रमिक को अपना ई-निर्माण कार्ड लेकर श्रमिक अन्नपूर्णा योजना भोजन वितरण केंद्र जाना होगा। कार्ड में दर्शाए गये ई-निर्माण नंबर पर अथवा क्यूआर स्कैन करने के बाद खाद्य वितरण केंद्र की ओर से कार्यकर्ता को पांच रुपये का टोकन दिया जाएगा।

श्रमिकों को उसके टिफिन में खाना दिया जाएगा

ई-निर्माण कार्ड के माध्यम से एक श्रमिक को उसके पूरे परिवार के लिए एक समय का भोजन मिलेगा। जिन हितग्राहियों के पास ई-निर्माण कार्ड नहीं है, उनका निर्माण स्थल पर ही पंजीयन किया जाएगा। ई-निर्माण कार्ड नहीं होने पर श्रमिक को 15 दिन तक भोजन मिल सकता है। तब तक कर्मचारी को ई-निर्माण कार्ड बनवाना होगा। योजना के नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए एक पोर्टल बनाया गया है। उस पोर्टल से ही निर्माण श्रमिकों को टोकन जारी किया जाएगा। यह पोर्टल सीएम डैशबोर्ड और जनसंपर्क से जुड़ा हुआ है।

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