जलवायु परिवर्तन के असर को दिखाने के लिए इस देश के नेता ने अपनाया अनोखा तरीका

जलवायु परिवर्तन के असर को दिखाने के लिए इस देश के नेता ने अपनाया अनोखा तरीका

एक छोटे से देश तुवालु के विदेश मंत्री ने पानी में खड़े होकर दिया भाषण

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में  'वर्ल्ड लीडर समिट ऑफ कोप-26' नामक एक पर्यावरण सम्मेलन चल रहा है। विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। इसलिए इसे लेकर जागरूकता की जरुरत है। सम्मेलन में विश्व के प्रमुख देशों के नेता पर्यावरण को लेकर तरह-तरह के भाषण दे रहे हैं। हालांकि सिर्फ भाषणों से दुनिया के हालात नहीं सुधरने वाले हैं। इस बीच एक छोटे से देश तुवालु के विदेश मंत्री ने दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही दुनिया के बारे में बात करने करने का एक अनोखा तरीका इस्तेमाल किया। विदेश मंत्री ने पानी में खड़े होकर भाषण दिया। तुवालु दक्षिण प्रशांत में एक बहुत छोटा द्वीप है।
आपको बता दें कि जलवायु परिवर्तन से दुनिया भर में समुद्र का स्तर बढ़ रहा है। सतह के ऊपर उठने पर द्वीपीय देश सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे हालातों में भविष्य में तुवालु सहित कई द्वीप राष्ट्रों के डूबने की आशंका है। तुवालु सिर्फ 26 वर्ग किलोमीटर का एक द्वीप है और इसकी आबादी 12,000 से भी कम है। समुद्र का स्तर बढ़ने के साथ साथ द्वीप का भूमि क्षेत्र कम होता जा रहा है। ऐसे में उसके विदेश मंत्री शमौन ने समुद्र के पानी में खड़े होकर भाषण दिया। घुटने भर पानी में खड़े होकर उन्होंने विश्व के नेताओं से कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन आपको जब प्रभावित करेगा तब करेगा पर हमारे साथ तो यह अभी ही हो रहा है।
गौरतलब है कि तुवालु के विदेश मंत्री साइमन की यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस समय तुवालु के विदेश मंत्री ने कहा कि उनके पास उनके देश की स्थिति दिखाने के लिए पानी में खड़े होकर बोलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। साइमन ने तुवालु में समुद्र तट पर वीडियो भाषण दिया। वीडियो को ग्लासगो में चल रहे COP-26 सम्मेलन में लाइव देखा गया था। दुनिया भर के नेता हैरान थे। हालांकि, कई पर्यावरणविदों ने इसकी आलोचना की है। विशेषज्ञों के अनुसार, तुवालु अन्य देशों की तरह जलवायु परिवर्तन से उतना प्रभावित नहीं है। लेकिन तुवालु के मंत्री की प्रचार के लिए स्टंटिंग के लिए भी आलोचना की गई है।

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