नॉन स्टॉप उड़ान : इस पंछी ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक ही उड़ान में 12 हजार किलोमीटर से अधिक का किया सफर

खास उपग्रह से रखी गई थी पंछियों पर नजर, ठंड के दौरान गर्म जगहों पर जाने के लिए हर साल करते है हजारों किलोमीटर का सफर

दुनिया में आए दिन हमे एक से बढ़कर एक अजूबे देखने ही मिलते है। कुदरत की इस विशाल दुनिया में कई तरह के पशु-पंछी है, जो एक से बढ़कर एक विविधता वाले है। ऐसा ही एक पंछी है बार टेल्ड गोडविट नाम की प्रजाति का पंछी जो की अपनी लंबी उड़ानें भरने के लिए मशहूर है। आकाश में उड़ते समय कई बार लंबे अंतर काट रहे विमानों को भी बीच में फ्यूयल के लिए रुकना पड़ता है। हालांकि इस पंछी ने बिना रुके ही 12 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। 
ठंडी शुरू होते ही पंछियों की कई प्रजाति ठंड से बचने के लिए हजारो किलोमीटर दूर के स्थलों पर माइग्रेट करते है। जिसमें बार टेल्ड गोडविट नाम की प्रजाति के पंछी भी शामिल है। ठंड के दौरान ठंडी जगहों से गरम जगहों पर पहुँचने के लिए यह पंछी हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते है। ऐसे में इस बार इस प्रजाति के एक पंछी ने माइग्रेशन करने के दौरान अलास्का से ऑस्ट्रेलिया तक बिना रुके 12874 किलोमीटर की यात्रा की थी। इस पंछी की तुलना इसके आकार के कारण फाइटर जेट के साथ भी की जाती है। खासा तौर पर उपग्रह के माध्यम से बार टेल्ड गोडविट पर नजर रखने के लिए उपग्रह की मदद ली गई थी। 
400 ग्राम का यह पंछी अपनी लंबी उड़ान के लिए पहले से ही दुनिया भर में मशहूर है। उपग्रह के डाटा के अनुसार, यह पंछी 17 सितंबर को अलास्का से उड़ा था और इसके 10 दिन बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। इस दौरान यह पंछी बीच में कहीं भी नहीं रुका था।
Tags: Feature

Related Posts

Latest Posts

उड़ान के दौरान केबिन क्रू से दुर्व्यवहार करने वाले यात्री को सूरत एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया
सूरत : हाई कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आया नगर निगम, नासिरनगर के बेघर परिवारों के लिए भरी माता कम्युनिटी हॉल में अस्थायी आश्रय की व्यवस्था
सूरत : राकेश सैनी ने दांतों से 8 कारें 100 मीटर तक खींचकर बनाया रिकॉर्ड, वर्ल्ड ड्रग्स डे पर युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश
अमरनाथ यात्रा में सूरत की सेवा परंपरा: 28 वर्षों से श्रद्धालुओं को मिल रहा शुद्ध गुजराती भोजन का प्रसाद
सूरत : “भाषा और वेशभूषा अलग हो सकती है, लेकिन भारतीय होने का भाव एक है” : महामहिम नंदकिशोर यादव