बढ़े स्क्रिन टाइम और लगातार मास्क पहनने से बढ़ रही ‘ड्राई आई’ की समस्या

बढ़े स्क्रिन टाइम और लगातार मास्क पहनने से बढ़ रही ‘ड्राई आई’ की समस्या

महमारी के कारण ऑनलाइन क्लास और वर्क फ़्रोम होम के कारण लोग लगातार रह रहे है कम्प्युटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने

कोरोना महामारी के कारण काफी लंबे समय से छात्र ऑनलाइन शिक्षण और पुख्त वय के लोग वर्क फ़्रोम होम कर रहे है। लगातार ऑनलाइन रहने के कारण सभी में ड्राई आई की समस्या में काफी इजाफा देखने मिला है। सिविल अस्पताल में सामने आए रिपोर्ट में कोरोना की महामारी के पहले ड्राई आई की समस्या के 60 प्रतिशत केस बढ़ रहे है। 
मोबाइल और कम्प्युटर स्क्रीन के सामने लगातार रहने के के कारण लोगों को ड्राई आई का सामना करना पड़ रहा है। ड्राई आई मतलब आँख में से लगातार पानी निकलना, आँख लाल हो जाना, धुंधला दिखाई देना और मानो आँख में कुछ गिर गया हो ऐसा लगता है। पिछले के सप्ताह में आँख की अस्पताल में छोटे बच्चों के 10 और पुख्त वय के 15 ऐसे कुल 25 केस दर्ज हुए है। डॉक्टरों का कहना है की मास्क बराबर ना पहने होने के कारण आंखो में हवा जाने के कारण भी आंखो को काफी असर होती है। 
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के कारण ड्राई आई के किस्सों में काफी इजाफा हो रहा है। इसके अलावा काफी लंबे समय से ऑनलाइन पढ़ाई करने के कारण बच्चों कि आंखो को भी काफी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पुख्त वय के लोग भी वर्क फ़्रोम होम करने के कारण पुख्त वय के लोगों को भी यह तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है। 
डॉक्टरों का कहना है कि आँख को सूखने से बचाने के लिए डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों को लगातार 20 मिनट तक मोबाइल देखने के बाद कम से कम 20 सेकंड का ब्रेक देना चाहिए। इस दौरान 20 फीट दूर होना चाहिए। मोबाइल के बदले बड़ी स्क्रीन के लैपटॉप का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा आँख के लेवल से स्क्रीन को ऊपर रखना चाहिए। आँख के लेवल से स्क्रीन को ऊपर रखना चाहिए। इसके अलावा एसी का फलो भी सीधा आंख पर नहीं आना चाहिए। 

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