सूरत : जल जीवन मिशन अंतर्गत विविधतापूर्ण विरासत वाले सूरत ज़िले में सदैव के लिए दूर हुई पानी की समस्या
By Loktej
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‘नल से जल’ योजना के अंतर्गत नई पारडी गाँव में सभी 1315 घरों को पानी की आपूर्ति कर 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की
वर्षों से कुएं का पानी पी रहे ग्रामजनों को मिला ‘नल से जल’ भेंट, सूरत ज़ोन में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले नई पारडी गाँव को मिला 50 हजार रुपए का पुरस्कार
जिस ज़िले के मुख्यालय को विश्व के सबसे बड़े हीरा उत्पादन केंद्र के रूप में पहचाना जाता है, जिस ज़िले की कला और संस्कृति विविधतापूर्ण है, ऐसे सूरत ज़िले के मुख्य शहर सूरत की पहचान डायमंड सिटी, रेशम सिटी और द ग्रीन सीटी हैं। सूरत शहर विविधतापूर्ण विरासत को संभालते हुए मज़बूती सेविकसित हो रहा है। ऐसे में ज़िले के गाँव भी कैसे पीछे रह सकते हैं। सूरत में स्थित कामरेज तहसील के नई पारडी गाँव में जल क्रांति शुरू हुई है। वर्षों पुरानी पानी की समस्याओं का ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत अंत आया है और यह विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।
जन-जन को ‘नल से जल’ देने के लिए प्रतिबद्ध है गुजरात सरकार
जल बिना का जीवन असंभव है, इसलिए कहा जाता है कि जल ही जीवन है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी द्वारा जल जीवन मिशन की शुरूआत हुई है। उनका संकल्प है कि समूचे भारत देश में घर-घर नल से शुद्ध जल मिलें। प्रधानमंत्री के इस संकल्प को सिद्ध करने के लिए गुजरात सरकार प्रतिबद्ध है। इसका श्रेष्ठ उदाहरण है, सूरत ज़िले का नई पारडी गाँव। इस गाँव की कुल आबादी 5,650 है, जिसमें 1,315 घर स्थित है। गाँव के लोग जीवन निर्वाह के लिए मुख्य रूप से खेती और प्राइवेट नौकरी पर निर्भर है। यहाँ के लोग वर्षों से कुएं का पानी पीकर जीवन यापन करते आ रहे हैं, जिसमें कई घण्टें तो केवल पानी प्राप्त करने में ही बर्बाद हो जा रहे थे। क्योंकि गाँव में केवल दो ही कुएं थे और राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं द्वारा 8 हैंडपंप लगाए गए थे।
‘नल से जल’ योजना के तहत 100 प्रतिशत नल कनेक्शन से नई पारडी गाँव ने सर्जी जल क्रांति
नई पारडी गाँव में पानी की समस्याओं को दूर करने के लिए तत्कालिन मुख्यमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के नेतृत्व में जल योजना के लिए 13,97,535 रुपए आवंटित किए गए थे, जिसके अंतर्गत गाँव में तीन बोर खोदे गए तथा दो मोटर लगाई गई। गाँव में जल संग्रहण के लिए आर. सी. सी. की 30 हज़ार लीटर की क्षमता वाली, 40 हज़ार लीटर की क्षमतावाली तथा 10 हज़ार लीटर की क्षमतावाली टांकियाँ तथा 1 लाख लीटर का भूमिगत संप बनाया गया है। वर्ष 2020-21 में ‘नल से जल’ योजना के अंतर्गत इस गाँव में घर-घर नल से पानी उपलब्ध कराने के लिए 2,43,638 रुपए की ग्रांट मंज़ूर की गई, जिसमें गाँव के सभी 1,315 घरों को ‘नल से जल’ के अंतर्गत 100 प्रतिशत कवर कर लिया गया है। उचित जल वितरण से मिल रहा सुलभ शुद्ध पेजजल
‘नल से जल’ योजना के अंतर्गत नानी पारडी गाँव में 525 मीटर की पाइप लाइन बिछाई गई है। इसके साथ ही गाँव में वितरण होने वाले पानी की वास्मो द्वारा उपलब्ध कराई गई वाटर टेस्टिंग किट द्वारा नियमित जांच की जाती है। ग्रामीणों को आर. ओ. प्लांट द्वारा पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए पंचायत और दाताओं के सहयोग से एक प्लांट स्थापित किया गया है। उन्हें बस पानी लेने के लिए एक बटन ही दबाना होता है और पंचायत द्वारा जारी किए गए कार्ड को स्कैन करना होता है, जिसके बाद ग्रामीण लोग सरलता से इसका लाभ उठा सकते हैं और शुद्ध पेयजल प्राप्त कर सकते हैं। गाँव की यह पहल ग्रामजनों के कल्याणकारी सिद्ध हुआ है।
नई पारडी गाँव के लोग कर रहे हैं ‘नल से जल’ के लाभ की बात....
“मेरे गाँव में दो साल पहले नल से जल योजना लागू हुई थी, इससे गाँव में घर-घर नल का काम100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और गाँव में 100 प्रतिशत पेयजल मिल रहा है।” छनाभाई बाबूभाई राठोड, सरपंच, नई पारडी
“नल से जल योजना के लागू होने से अब हमारी बेटियाँ समय से स्कूल आने लगी हैं, अब घर में ही पर्याप्त पानी मिलने से बेटियों का समय बच रहा है। गृहिणियाँ छोटे-छोटे घरेलू व्यवसाय शुरू कर आर्थिक मज़बूत बन रही है। विद्यालय में नियमित उपस्थिति के कारण गाँव की लड़कियों की शिक्षा का स्तर भी ऊँचा आया है।”- चैताली भावसार, आचार्य, नई पारडी “
कामरेज तहसील में से हमें वास्मो द्वारा पानी की जाँच करने की किट दी गई है। इस किट के माध्यम से पानी का परीक्षण किया जाता है और पानी में अच्छी गुणवत्ता का पता चलने के बाद ही ग्रामजनों को पानी की आपूर्ति की जाती है।”- नैनिका सोलंकी, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, नई पारडी
“मेरा गाँव नई पारडी सूरत ज़िले में ‘नल से जल’ योजना और वास्मो योजना के तहत पहले नंबर पर आया है, जब गांधीनगर ज़िले में प्रथम सभा आयोजित हुई थी तब सूरत ज़ोन में दूसरा नंबर प्राप्त करने पर नई पारडी गाँव को पुरस्कार के रूप में 50 हज़ार रुपए का चेक मिला था। ”- सोनलबहन देसाई, पटवारी सह मंत्री, नई पारडी
वर्षों से चली आ रही इस गाँव की पानी की समस्या ‘नल से जल’ योजना के द्वारा 100 प्रतिशत हल हो गई है, जिससे गाँव के लोग बेहद खुश हैं। इस समय गाँव के लोग इस योजना का स्वागत करते हुए आशीर्वाद समान बता रहे हैं। इस योजना के क्रियान्वयन से समय और श्रम दोनों की ही बचत हुई है। ऐसे कल्याणकारी कार्यों में गुजरात सरकार सदैव आगे रही है। ऐसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से स्पष्ट है कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जन-जन को समृद्ध जीवन प्रदान करने के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रही है।
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