वेनेजुएला में भूकंप से 10 हजार लोगों की मौत! देश में आपातकाल लागू
काराकास, 25 जून (वेब वार्ता)। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को दहला दिया है। इन दोनों भूकंपों के बीच का समय अंतराल केवल 40 सेकंड था, जिसने बचाव के लिए भी समय नहीं दिया।
पहला भूकंप रिक्टर स्केल पर 7.2 की तीव्रता का मापा गया, जिसका केंद्र राजधानी कराकास से लगभग 20 किलोमीटर दूर काराबोबो राज्य में स्थित था। इसके ठीक बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया, जिसने तबाही का दायरा बढ़ा दिया।
भारी जनहानि की आशंका
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने इस आपदा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों में आया सबसे बड़ा भूकंप है। आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर USGS ने अनुमान लगाया है कि इस त्रासदी में 10,000 से अधिक लोगों की जान जाने की संभावना 44% तक है।
इतना ही नहीं, एजेंसी ने 1 लाख से अधिक मौतों की आशंका को भी 30% तक बताया है, जो इस आपदा की भयावहता को दर्शाता है। इससे पहले वर्ष 1900 में देश ने 7.7 तीव्रता का भूकंप झेला था।
मलबे में तब्दील हुई इमारतें
राजधानी कराकास में भूकंप के प्रभाव से कई बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो गई हैं। विशेष रूप से शहर के पूर्वी इलाके चाकाओ में दो बड़ी इमारतें गिरने की खबर है, जहां स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। कराकास एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा भी गिर गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
गृह मंत्री डिओसदादो काबेलो ने जानकारी दी है कि फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए तैनात कर दी गई हैं। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सोमवार तक के लिए सभी शैक्षणिक व सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
जापान में भी लगे तगड़े झटके
वेनेजुएला की इस त्रासदी के साथ ही दुनिया के दूसरे छोर, जापान में भी 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दो घंटों के भीतर दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में ऐसे बड़े भूकंप आना एक बेहद दुर्लभ घटना है, जो लगभग 1,000 से 1,200 साल में एक बार देखने को मिलती है। वेनेजुएला के भूकंप के बाद शुरू में प्यूर्टो रिको, वर्जिन द्वीप समूह और अरूबा जैसे क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे करीब एक घंटे बाद वापस ले लिया गया।
इतिहास की सबसे बड़ी आपदाओं में शामिल
विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है, जिससे यहां हमेशा खतरा बना रहता है। 1812 में आए भूकंप ने यहां 30,000 लोगों की जान ली थी, और अब इस ताजा भूकंप को आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी आपदा माना जा रहा है। पेट्रोल सप्लाई बाधित होने और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण राहत कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
