सरकार ने पीएफ़ पर 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी, सात करोड़ अंशधारकों के खातों में जल्द आएगी जमा राशि
नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ़) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) द्वारा निर्धारित इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद, अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) इस महीने से ही अंशधारकों के खातों में ब्याज राशि जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
ईपीएफओ द्वारा विकसित नई तकनीकी प्रणाली के माध्यम से यह ब्याज सीधे और तेजी से सदस्यों के खातों में पहुंच जाएगा। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब सरकार ने ब्याज की इस दर को 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
यदि पिछले वर्षों पर नजर डालें, तो 2022-23 में यह दर 8.15 प्रतिशत थी, जिसे 2023-24 में बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था।
भविष्य निधि पर मिलने वाला यह ब्याज दर चार दशक पहले के आंकड़ों से लेकर वर्तमान तक की आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार घटती-बढ़ती रही है।
सरकार के इस कदम से ईपीएफओ के करोड़ों सदस्यों को उनके निवेश पर स्थिर और आकर्षक रिटर्न सुनिश्चित हुआ है।
