सूरत :  नसीरनगर डिमोलिशन मामला-पत्रकारों से कथित बदसलूकी पर कांग्रेस का विरोध

दोषियों के खिलाफ एफआईआर, निलंबन और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सूरत :  नसीरनगर डिमोलिशन मामला-पत्रकारों से कथित बदसलूकी पर कांग्रेस का विरोध

सूरत। नसीरनगर डिमोलिशन प्रकरण के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की के आरोपों को लेकर सूरत शहर कांग्रेस समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नसीरनगर क्षेत्र में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त करने और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जब पत्रकार एवं कैमरामैन नगर निगम मुख्यालय तापी भवन पहुंचे थे, तब वहां मौजूद नगर निगम के मार्शलों एवं सुरक्षा कर्मियों द्वारा उन्हें कवरेज करने से रोकने का प्रयास किया गया।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष विपुल उधनावाला कि अनुपस्थिति के दौरान शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष हरीश सूयवंशी की अगुवाई में महामंत्री जयेश भट्ट, जतीन जरीवाला, संतोष पाटील, शैलेश टंडेल, अन्य आगेवानो ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर नगर निगम मुख्यालय में गुरूवार को मार्शल एवं पुलिसकर्मी द्वारा कुछ पत्रकारों और कैमरामैन के साथ धक्का-मुक्की तथा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत की गई है।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत प्रेस और नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। मीडिया प्रतिनिधियों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकने का प्रयास न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष हरीश सूर्यवंशी ने कहा कि जनता के कर से संचालित प्रशासन के सुरक्षा कर्मियों द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हाथापाई की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डिमोलिशन की पूरी प्रक्रिया कानूनी और पारदर्शी थी, तो मीडिया को कवरेज से रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

कांग्रेस ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

मीडिया कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
भविष्य में पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाए।
नगर निगम प्रशासन मीडिया जगत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पत्रकारों के अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।

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