डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी, अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपे या तुरंत नष्ट करें
वॉशिंगटन, 26 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से अपना पूरा एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की सख्त मांग की है। इसे या तो अमेरिका में या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट किया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम की चर्चाओं के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अपनी बहुत सख्त चेतावनी जारी की है।
प ने अपनी यह पुरानी मांग फिर से दोहराई है कि ईरान को अपने पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम का पूरा भंडार नष्ट करने के लिए अमेरिका को तुरंत सौंप देना चाहिए। अमेरिका इस मुद्दे पर अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में बिल्कुल भी नहीं दिखाई दे रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में बिल्कुल साफ कर दिया है कि ईरान के पास अब बहुत ही सीमित विकल्प बचे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि इस खतरनाक यूरेनियम को या तो पूरी तरह से ईरान के बाहर ले जाया जाना चाहिए।
या फिर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की कड़ी निगरानी में किसी सुरक्षित और तय स्थान पर इसे पूरी तरह नष्ट किया जाना चाहिए। अमेरिका पश्चिमी देशों के साथ मिलकर यह पक्का करना चाहता है कि यह खतरनाक सामग्री किसी भी गलत हाथ में बिल्कुल ना जा पाए।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस गंभीर विषय को लेकर एक बहुत ही अहम पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि न्यूक्लियर डस्ट को तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाना चाहिए ताकि उसे सुरक्षित रूप से नष्ट किया जा सके।
ट्रंप का मानना है कि इस कदम से पूरी दुनिया में एक सुरक्षित माहौल बनेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंडरा रहा एक बहुत बड़ा खतरा टल जाएगा।
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया है कि आपसी समन्वय से इस सामग्री को ईरान में भी नष्ट किया जा सकता है।
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था का गवाह के रूप में मौजूद होना जरूरी है। अमेरिका चाहता है कि यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी हो ताकि भविष्य में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई भी शंका ना बचे।
पश्चिमी देशों की गहरी चिंता
डोनाल्ड ट्रंप का यह बेहद कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक तनाव बहुत ज्यादा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों को हमेशा से यह बड़ी चिंता रही है कि ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट के जरिए परमाणु हथियार बना सकता है।
हालांकि ईरान ने हमेशा यह दावा किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए ही चलाया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) पहले भी ईरान के बढ़ते एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को लेकर कई बार अपनी गहरी चिंता जता चुकी है। विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से मानना है कि अगर यूरेनियम को 90 प्रतिशत तक एनरिच्ड किया जाए तो इसका इस्तेमाल परमाणु बम में होगा।
इसलिए अमेरिका और उसके सभी सहयोगी देश ईरान पर इस खतरनाक सामग्री को नष्ट करने का भारी दबाव लगातार बना रहे हैं।
