सूरत : सार्वजनिक यूनिवर्सिटी द्वारा लिबरल आर्ट्स के नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत
विश्लेषणात्मक और मानव-केंद्रित नेतृत्व तैयार करने की पहल
सूरत। सार्वजनिक यूनिवर्सिटी ने बहुआयामी और भविष्य-केंद्रित शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से नई घटक संस्था सार्वजनिक कॉलेज ऑफ लिबरल आर्ट्स(एस.सी.एल.ए.) के अंतर्गत नए स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।
“तर्कसंगत और समृद्ध जीवन” के उद्देश्य के साथ शुरू किए गए इन पाठ्यक्रमों का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को मानवीय व्यवहार, सामाजिक संरचना और सूचना-आधारित विश्लेषण के बीच संबंध समझाकर उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले नागरिक के रूप में तैयार करना है।
एस.सी.एल.ए. द्वारा बी.ए. अर्थशास्त्र (मुख्य विषय), बी.ए. मनोविज्ञान (मुख्य विषय) पाठ्यक्रम शुरू किए गए है। दोनों पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक गहराई, प्रायोगिक अध्ययन और शोध-आधारित शिक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। ये कार्यक्रम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बहुआयामी और अंतरविषयक दृष्टिकोण के अनुरूप बनाए गए हैं।
बी.ए. अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अर्थव्यवस्था, बाजार व्यवस्था, नीति निर्माण, मानवीय व्यवहार, विकास अध्ययन तथा सांख्यिकीय विश्लेषण की गहन समझ प्रदान की जाएगी।
वहीं बी.ए. मनोविज्ञान पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मानवीय सोच, भावनाओं, व्यवहार और अनुभवों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने के लिए तैयार करेगा।
विद्यार्थियों को अपने मुख्य विषय के साथ गौण विषय / विशेष अध्ययन विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा, जिसमें मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, जनसंपर्क एवं जनसंचार अध्ययन, सांख्यिकी शामिल हैं। यह लचीला शैक्षणिक ढांचा विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और भविष्य की करियर आवश्यकताओं के अनुसार अध्ययन की दिशा चुनने में सहायक बनेगा।
पाठ्यक्रम की संरचना वर्तमान वैश्विक और व्यावसायिक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। विद्यार्थियों में तार्किक सोच, सांख्यिकीय समझ, अभिव्यक्ति कौशल, गणनात्मक दक्षता और शोध अभिरुचि विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि वे रोजगार के साथ-साथ उच्च अध्ययन और शोध के लिए भी सक्षम बन सकें।
यूनिवर्सिटी के अनुसार एस.सी.एल.ए. का शैक्षणिक दृष्टिकोण अंतरविषयक अध्ययन, जिज्ञासा-आधारित शिक्षण और भविष्य-केंद्रित कौशलों पर आधारित है। कक्षा शिक्षण के साथ प्रायोगिक कार्य, फील्ड स्टडी, तार्किक क्षमता विकास गतिविधियां और शोध-आधारित कार्यक्रमों को शामिल कर विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।
इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत के साथ सार्वजनिक एज्युकेशन सोसायटी की 114 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सार्वजनिक यूनिवर्सिटी ने सूरत और दक्षिण गुजरात क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
यूनिवर्सिटी अब जी.सी.ए.एस. प्रवेश पोर्टल पर भी उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ बन गई है। यूनिवर्सिटी गुणवत्तापूर्ण, व्यवसायोन्मुख और किफायती शिक्षा प्रदान करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध है।
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी और अभिभावक अधिक जानकारी के लिए यूनिवर्सिटी प्रवेश कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा परिसर का दौरा कर पाठ्यक्रम संरचना, पाठ्यक्रम विवरण और प्रवेश प्रक्रिया संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
