जेप्टो, धूत ट्रांसमिशन सहित छह कंपनियों को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिली
नई दिल्ली (वेब वार्ता)। सामान की फटाफट आपूर्ति करने वाले मंच जेप्टो और वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन सहित छह कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है।
बाजार नियामक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य जिन कंपनियों को मंजूरी मिली है उनमें होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, सर्जीवियर, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर्स शामिल हैं।
इन कंपनियों ने अक्टूबर से फरवरी के बीच अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे और उन्हें चार से आठ मई के बीच सेबी की टिप्पणियां प्राप्त हुईं।
सेबी की भाषा में टिप्पणियां मिलना सार्वजनिक निर्गम लाने की मंजूरी है।
जेप्टो और धूत ट्रांसमिशन ने गोपनीय पूर्व-प्रस्ताव मार्ग के तहत अपने दस्तावेज दाखिल किए थे।
सूत्रों के अनुसार जेप्टो अपने आईपीओ के जरिए लगभग 11 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। अगर यह सूचिबद्ध होने में सफल होती है तो यह कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों जोमैटो और स्विगी की श्रेणी में शामिल हो जाएगी, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं।
अमेरिकी निवेश कंपनी बैन कैपिटल समर्थित धूत ट्रांसमिशन करीब 25 करोड़ डॉलर (लगभग 2,258 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना में है। इसका आईपीओ नए शेयरों के निर्गम और मौजूदा निवेशकों की शेयर बिक्री (ओएफएस) का मिश्रण होगा।
होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ पूरी तरह नए शेयर का होगा और इसके माध्यम से कंपनी 2,600 करोड़ रुपये जुटाएगी, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा।
सर्जीवियर, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर्स के प्रस्तावित आईपीओ में भी नए निर्गम और बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) शामिल है। जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी विस्तार, कर्ज भुगतान तथा अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
इन सभी कंपनियों के शेयर बंबई शेयर बाजार (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध होंगे।
