आईपीएल में सुरक्षा और अनुशासन पर बीसीसीआई की सख्त चेतावनी
‘हनी ट्रैप’ और प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर 10 फ्रेंचाइजी को जारी हुए कड़े निर्देश
नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजी को आठ पन्नों का एक विस्तृत सुरक्षा निर्देश जारी किया है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया द्वारा लिखे गए इस पत्र में खिलाड़ियों को ‘हनी ट्रैपिंग’ और लक्षित यौन शोषण जैसे गंभीर खतरों से आगाह किया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत व्यक्तियों का खिलाड़ियों के होटल कमरों में प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है।
अब किसी भी अतिथि से मिलने के लिए टीम मैनेजर की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी और मुलाकात केवल होटल की लॉबी या सार्वजनिक स्थानों पर ही की जा सकेगी। बोर्ड का मानना है कि इन प्रोटोकॉल का पालन न करने से खिलाड़ियों की सुरक्षा और बोर्ड की प्रतिष्ठा को बड़ा जोखिम हो सकता है।
बीसीसीआई ने मैच के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए आरक्षित क्षेत्रों (PMOA) की पवित्रता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। बोर्ड ने उन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है जहाँ फ्रेंचाइजी मालिक मैच के दौरान खिलाड़ियों से शारीरिक संपर्क करने या उन्हें गले लगाने का प्रयास करते हैं।
नए निर्देशों के अनुसार, मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान पर खिलाड़ियों से संवाद करने से सख्ती से रोक दिया गया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि भले ही ये व्यवहार सद्भावनापूर्ण हों, लेकिन इन्हें मैच के संचालन में हस्तक्षेप माना जाएगा और किसी भी उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए बोर्ड ने प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन पर भी कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में ड्रेसिंग रूम में ‘वेपिंग’ (ई-सिगरेट) के मामलों का संज्ञान लेते हुए बीसीसीआई ने याद दिलाया है कि भारतीय कानून के तहत ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और अभ्यास क्षेत्रों में वेपिंग या किसी भी अन्य नशीले पदार्थ का उपयोग न केवल बीसीसीआई नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक कानूनी अपराध भी है।
बोर्ड ने सभी फ्रेंचाइजी प्रबंधकों को सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रत्येक मैच से पहले सभी हितधारकों को इन नियमों की पूरी जानकारी दी जाए।
