पश्चिम बंगाल चुनाव के महासंग्राम के बीच कोलकाता में हुगली किनारे पीएम मोदी की सुबह की सैर
नाविकों से संवाद और फोटोग्राफी के जरिए बंगाल की संस्कृति को सराहा
कोलकाता, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में हुए रिकॉर्ड 92.88 प्रतिशत मतदान के अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग अंदाज में नजर आए।
शुक्रवार सुबह पीएम मोदी ने कोलकाता में हुगली नदी के किनारे समय बिताया और नाव की सवारी का आनंद लिया। सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने गंगा को ‘बंगाल की आत्मा’ बताया।
आंखों पर काला चश्मा और हाथों में कैमरा थामे प्रधानमंत्री ने नदी की लहरों, प्रसिद्ध विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की खूबसूरती को अपने लेंस में कैद किया। उन्होंने लिखा कि मां गंगा का पावन जल एक पूरी सभ्यता की शाश्वत भावना को समेटे हुए है, जिसका बंगाली जनजीवन में विशेष स्थान है।
अपनी इस सुबह की सैर के दौरान प्रधानमंत्री ने हुगली के नाविकों से आत्मीय मुलाकात की और उनके कठिन परिश्रम की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने वहां टहलने आए स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पश्चिम बंगाल के विकास और यहां के लोगों की खुशहाली के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। फोटोग्राफी का शौक पूरा करते हुए पीएम मोदी ने बंगाल की प्राकृतिक और ढांचागत सुंदरता को दुनिया के सामने पेश किया, जिसे उनके समर्थकों द्वारा राज्य की संस्कृति के प्रति उनके जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि यह दौरा व्यक्तिगत और आध्यात्मिक नजर आया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी गहरे हैं।
पहले चरण में महिलाओं और युवाओं के भारी मतदान को पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ ‘बदलाव की आंधी’ करार दिया। चुनावी रैलियों में टीएमसी पर महिलाओं के अधिकार छीनने का आरोप लगाने के बाद, हुगली किनारे उनकी यह मौजूदगी बंगाल के मतदाताओं के साथ भावनात्मक संबंध बनाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
कृष्णानगर और अन्य क्षेत्रों में प्रचार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार का चुनाव बंगाल की अस्मिता और विकास के लिए निर्णायक साबित होगा।
