अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए इस्लामाबाद जाएंगे जे.डी. वेंस: डोनाल्ड ट्रंप
शांति वार्ता के लिए बढ़ाई युद्धविराम की समय सीमा, दूसरे दौर की बैठक पर टिकी दुनिया की नजरें
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक पहल करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि वेंस के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए रवाना हो रहा है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने वाला है। ट्रंप ने प्रभावी रूप से सीजफायर को एक दिन के लिए बढ़ाकर बुधवार तक कर दिया है, ताकि बातचीत के लिए पर्याप्त समय मिल सके। हालांकि, ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बुनियादी ढांचे पर भीषण बमबारी की जाएगी।
शांति वार्ता से पहले ओमान की खाड़ी में हुई एक सैन्य घटना ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। रविवार को एक अमेरिकी मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे ईरानी मालवाहक जहाज पर गोलीबारी कर उसे जब्त कर लिया, जिससे ईरानी पक्ष में भारी नाराजगी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों ने ईरानी टीम को वार्ता की मेज पर लाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफ कर सकते हैं।
हालांकि, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दबाव है कि जब तक अमेरिका समुद्री नाकेबंदी पूरी तरह नहीं हटाता, तब तक किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर न किए जाएं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, 11 अप्रैल को हुई पहले दौर की वार्ता में यूरेनियम संवर्धन को लेकर गहरा गतिरोध देखा गया था। अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि ईरान 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोके, जबकि ईरान ने केवल पांच साल का प्रस्ताव दिया, जिसे वाशिंगटन ने खारिज कर दिया।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि ट्रंप की रणनीति के कारण अमेरिका एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब है। घरेलू स्तर पर गैस की बढ़ती कीमतों और युद्ध की अलोकप्रियता के बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि उन पर समझौते का कोई दबाव नहीं है और वे शर्तों के साथ समझौता करेंगे।
