डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं राष्ट्रपति

इस्लामाबाद में डील फाइनल होने पर दौरे की जताई प्रबल संभावना

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं राष्ट्रपति

वॉशिंगटन, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस समझौते पर पहुंचती है, तो वह पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में डील साइन होने की स्थिति में वह वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की जमकर सराहना की।

ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थ इस जटिल संघर्ष को सुलझाने में बेहद प्रभावशाली साबित हुए हैं, जिससे दक्षिण एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते के आर्थिक फायदों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने दावा किया कि इस सफल कूटनीति के परिणामस्वरूप अमेरिका को “मुफ्त तेल” और “होर्मुज स्ट्रेट” तक निर्बाध पहुंच मिल सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक गिर जाएंगी।

ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गैस की कीमतों में आई कमी इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि परमाणु हथियारों के खतरे को कम करने के साथ-साथ वह अपने देश को विरासत में मिली “ऐतिहासिक महंगाई” को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को इस शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर और विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की है, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की ‘बैक-चैनल’ बातचीत की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

कतरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वार्ता मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। यदि पाकिस्तान की मेजबानी में यह समझौता धरातल पर उतरता है, तो यह न केवल पश्चिम एशिया में तनाव कम करेगा, बल्कि वैश्विक कूटनीति में ट्रंप और पाकिस्तान दोनों के लिए एक बड़ी जीत साबित होगा।