सूरत : श्री सालासर हनुमान सेवा समिति द्वारा जलवंत टाउनशिप में 21वां श्री हनुमान जन्मोत्सव भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न
गौ सेवा से हुआ शुभारंभ, भव्य शोभायात्रा, सुंदरकांड पाठ और महाप्रसाद में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी
सूरत के जलवंत टाउनशिप स्थित श्री सालासर बालाजी मंदिर में श्री सालासर हनुमान सेवा समिति द्वारा 1 और 2 अप्रैल 2026 को 21वां श्री हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। दो दिवसीय यह महोत्सव सेवा, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम बनकर उभरा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक लाभ प्राप्त किया।
समिति के संरक्षक विनोद राठी और अध्यक्ष टीकम असावा ने जानकारी देते हुए बताया कि परंपरा के अनुसार उत्सव का शुभारंभ गौ सेवा से किया गया। इस अवसर पर पथमेड़ा गोधाम महातीर्थ के गोवंश के सहयोगार्थ समिति द्वारा 1.55 लाख रुपये की सहायता राशि भेंट की गई। 1 अप्रैल को सुबह श्री सालासर महिला संगठन द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद शाम को दिव्य अखंड ज्योत, छप्पन भोग, आकर्षक झांकियों और बाबा के दिव्य दरबार की सजावट ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित भजन संध्या में श्याम जगत के प्रसिद्ध गायक अजीत दाधीच ने भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
मुख्य संयोजक दामोदर गौड़ के अनुसार, 2 अप्रैल को प्रातः 7:15 बजे श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, त्रिकम नगर से भव्य निशान शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई श्री सालासर बालाजी मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में बैलगाड़ियों, बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों के साथ विशेष ड्रेस कोड में सजे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

युवा संगठन अध्यक्ष वासु असावा और संगठन प्रभारी रतन प्रजापत ने बताया कि शोभायात्रा में लगभग 1000 से 1500 महिला, पुरुष और बच्चों की सहभागिता रही, जिसमें सनातन संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
भंडारा प्रभारी रामानुज असावा के अनुसार, 2 अप्रैल को सुबह 10:15 बजे श्रद्धालुओं द्वारा श्री बालाजी महाराज को सवामणि का भोग अर्पित किया गया, जिसमें 3 से 4 हजार भक्त शामिल हुए। इसके पश्चात शाम 7:15 बजे महाआरती आयोजित की गई और महाआरती के बाद विशाल महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान पुजारी शरद मिश्रा और सुशील मिश्रा ने विशेष सेवाएं प्रदान कीं।
मैनेजिंग ट्रस्टी जयसुख भाई हिरपरा के मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को भव्य और सफल बनाया गया। समिति के सचिव एवं मीडिया प्रभारी मंगल वैष्णव ने बताया कि इस महोत्सव को सफल बनाने में जलवंत मित्रमंडल, युवा संगठन और महिला संगठन के लगभग 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने दिन-रात समर्पण के साथ कार्य किया।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं, सदस्यों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्र की उन्नति और विश्व शांति की कामना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था, बल्कि सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता का भी प्रतीक बनकर सामने आया।
