एआई समिट के नतीजे प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य का निर्माण करेंगे: मोदी
नई दिल्ली, 16 फरवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार से यहां शुरू हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन ‘ए आइ इम्पैक्ट समिट ’ में हिस्सा लेने वाले दुनिया भर के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जतायी है कि इस सम्मेलन के नतीजे के प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण में सहायक होंगे।
बीस फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिन के सम्मेलन से पहले श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने सिलसिलेववार पोस्ट में कहा कि इस सम्मेलन की विषय वस्तु ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, मानव केन्द्रीत प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं।
समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।”
उन्होंने कहा,“ आज एआई स्वास्थ्य , शिक्षा,कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर वैश्चिक बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो।”
मोदी ने कहा,“ भारत के 1.4 अरब लोगों की बदौलत, हमारा देश एआई बदलाव में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की एम्बिशन और ज़िम्मेदारी दोनों को दिखाती है।”
इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट में कहा, “ यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है।
यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।”
