चीन सीमा के पास गरजे 16 फाइटर जेट, पीएम मोदी ने किया पूर्वोत्तर की पहली हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन
‘इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी’ (ELF) का उद्घाटन , रक्षा तैयारियों और बुनियादी ढांचे को मिली नई मजबूती
डिब्रूगढ़, 14 फरवरी (वेब वार्ता)। पूर्वोत्तर भारत की रक्षा शक्ति को नया आयाम देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर पहली ‘इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी’ (ELF) का उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी यह 4.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप युद्ध और आपातकालीन स्थितियों में लड़ाकू विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे का कार्य करेगी।
उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी स्वयं वायुसेना के विशेष विमान से इसी हाईवे स्ट्रिप पर उतरे, जहाँ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय वायुसेना ने अपना प्रचंड पराक्रम दिखाते हुए लगभग 40 मिनट तक एयर शो किया। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, डॉर्नियर और AN-32 जैसे कुल 16 विमानों ने रिकॉर्ड 30
मिनट के भीतर इस हाईवे पर टचडाउन और फ्लाईपास की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह एयरस्ट्रिप 74 टन वजन वाले भारी मालवाहक विमानों को भी संभालने में सक्षम है। चीन सीमा से महज 300 किलोमीटर दूर स्थित यह सुविधा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब भारतीय सेना के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।
रक्षा गलियारे के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने असम को ₹5,450 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उपहार भी दिया। इसमें ब्रह्मपुत्र नदी पर बना एक ऐतिहासिक 6-लेन पुल शामिल है, जो गुवाहाटी के सफर को एक घंटे से घटाकर केवल 10 मिनट कर देगा।
पीएम मोदी ने कहा कि यह हाईवे एयरस्ट्रिप न केवल युद्धकाल में काम आएगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए भी संजीवनी साबित होगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है।
