मोदी ने विश्व रेडियो दिवस पर रेडियो को बताया ‘भरोसेमंद आवाज़’, ‘मन की बात’ के लिए मांगे सुझाव

मोदी ने विश्व रेडियो दिवस पर रेडियो को बताया ‘भरोसेमंद आवाज़’, ‘मन की बात’ के लिए मांगे सुझाव

नई दिल्ली, 13 फरवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व रेडियो दिवस के मौके पर शुक्रवार को रेडियो की तारीफ करते हुए इसे एक ‘भरोसेमंद आवाज़’ बताया जो पूरे भारत में दूर-दराज के गांवों से लेकर हलचल भरे शहरों तक लाखों लोगों को जोड़ता रहता है।

साथ ही नागरिकों से अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात के आने वाले एपिसोड के लिए अपने सुझाव साझा करने की अपील की। मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कहा कि विश्व रेडियो दिवस एक ऐसे माध्यम का जश्न मनाने का अवसर है जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है।

उन्होंने कहा, “विश्व रेडियो दिवस एक ऐसे माध्यम का जश्न मनाने के बारे में है जो लोगों के लिए एक भरोसेमंद आवाज़ है, चाहे वह दूर-दराज के गांवों में हो या हलचल भरे शहरों में। सालों से रेडियो ने समय पर जानकारी दी है, प्रतिभा को बढ़ाया है और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया है। यह इस माध्यम से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों को स्वीकार करने का दिन है।”

प्रधानमंत्री रेडियो के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मासिक रेडियो संबोधन ने सार्वजनिक भागीदारी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने में रेडियो की स्थायी शक्ति को प्रदर्शित किया है।

उन्होंने कहा, “मन की बात के ज़रिए मैंने खुद महसूस किया है कि रेडियो हमारे लोगों की सामाजिक ताकत को सामने लाने में कितना काबिल है।” उन्होंने लोगों से रविवार (22 फरवरी) को प्रसारित होने वाले अगले मन की बात के लिए सुझाव देने की अपील की।

गौरतलब है कि मन की बात रेडियो पर प्रसारित होने वाला एक मासिक कार्यक्रम है जिसमें प्रधानमंत्री देशवासियों को संबोधित करते हैं। वर्ष 2014 में शुरू हुए यह कार्यक्रम अक्सर ज़मीनी स्तर की पहल, सामाजिक अभियान , नवाचार और सामुदायिक स्तर पर बदलाव लाने वाले लोगों की कहानियों पर केंद्रित रहता है।

पिछले कुछ सालों में, इस कार्यक्रम में सफ़ाई और पानी बचाने से लेकर महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार तक के विषय शामिल किये गये हैं। साथ ही उन लोगों पर भी रोशनी डाली गई है जिनके काम ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर असर डाला है। ‎

विश्व रेडियो दिवस हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है। रेडियो संचार का एक शक्तिशाली और आसान माध्यम है। भारत में, रेडियो जानकारी और मनोरंजन का एक ज़रूरी स्रोत बना हुआ है, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जहाँ मीडिया के दूसरे तरीकों की पहुँच कम हो सकती है।