‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ में एनवीडिया, गूगल, ओपनएआई समेत 400 प्रदर्शक होंगे शामिल

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ में एनवीडिया, गूगल, ओपनएआई समेत 400 प्रदर्शक होंगे शामिल

नई दिल्ली, 12 फरवरी (वेब वार्ता)। कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां एनवीडिया, गूगल और ओपनएआई ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में हिस्सा लेने वाले 400 प्रदर्शकों में शामिल हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह पांच दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ 16 से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शनी एआई परिवेश से जुड़ी कंपनियों के लिए मेलजोल का मंच बनेगा जहां भारतीय नवोन्मेषक भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘एनवीडिया, गूगल और ओपनएआई सहित अग्रणी एआई कंपनियां, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ में शामिल 400 प्रदर्शकों में से हैं। उनके शीर्ष नेतृत्व दलों ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। वे भारतीय कंपनियों के साथ बैठकें भी करेंगी।’’

कुमार ने बताया कि इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों ने भागीदारी की पुष्टि की है, जिनमें 50 मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत में अगले एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की घोषणा के तुरंत बाद ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो’ की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने कार्यक्रम का काम शुरू कर दिया है। प्रदर्शनी सहित पूरा शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी के बीच आयोजित होगा। देश की लगभग सभी प्रौद्योगिकी कंपनियां इसमें भाग ले रही हैं।

कई सरकारी विभाग और मंत्रालय भी इसमें शामिल होंगे।’’
कुमार ने बताया कि इसे प्रगति मैदान में करीब 75,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में स्टार्टअप को निवेशकों से जोड़ने के लिए विशेष सत्र भी होंगे। एआई और उसके प्रभाव पर चर्चा के लिए करीब 700 सत्र आयोजित किए जाने की योजना है।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ को तीन प्रमुख स्तंभों लोग, धरती और प्रगति के आधार पर संरचित किया गया है। इसमें रोजगार एवं कौशल विकास, सतत एवं ऊर्जा-कुशल एआई तथा आर्थिक व सामाजिक विकास पर चर्चा केंद्रित रहेगी।

इसमें सात विषयगत कार्यसमूह होंगे, जिनकी सह-अध्यक्षता पश्चिमी देशों और विकासशील देशों के प्रतिनिधि करेंगे। ये समूह ‘एआई कॉमन्स’, भरोसेमंद एआई उपकरण, साझा कंप्यूट अवसंरचना और क्षेत्र- विशिष्ट एआई उपयोग मामलों के संकलन जैसे ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।