ट्रम्प और रूट्टे के बीच ग्रीनलैंड पर भविष्य के समझौते की रूपरेखा तैयार, वापस ली टैरिफ की धमकी

ट्रम्प और रूट्टे के बीच ग्रीनलैंड पर भविष्य के समझौते की रूपरेखा तैयार, वापस ली टैरिफ की धमकी

वाशिंगटन, 22 जनवरी (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो महासचिव मार्क रूट्टे के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद घोषणा करते हुए कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर भविष्य केसमझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

इस कूटनीतिक प्रगति के बाद ट्रम्प ने यूरोपीयसहयोगियों पर एक फरवरी से लगाए जाने वाले प्रस्तावित आयात शुल्क को वापस लेने का फैसलाकिया है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के इतर हुई इस वार्ता को ट्रम्प ने अत्यंत सकारात्मक बताया और कहा कि यह समझौता न केवल ग्रीनलैंड, बल्कि पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यद्यपि समझौते के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह रणनीतिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

उन्होंने ग्रीनलैंड को उत्तरी अमेरिका का हिस्सा और अमेरिका का क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह विशाल द्वीप वर्तमान में असुरक्षित है। ट्रम्प के अनुसार, इस समाधान से अमेरिका और सभी नाटो देशों को लाभ होगा।

उन्होंने गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के संदर्भ में इस पर अतिरिक्त चर्चा जारी है। इस पूरी वार्ता की जिम्मेदारी उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को सौंपी है, जो सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेंगे।

दूसरी ओर, नाटो महासचिव मार्क रूट्टे ने इस समझौते के विवरण पर अधिक जानकारी देने से परहेज किया। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि क्या अमेरिका इस द्वीप का स्वामित्व हासिल कर लेगा। रूट्टे ने केवल इतना कहा कि चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को कैसे लागू किया जाए।

नाटो प्रवक्ता एलीसन हार्ट ने स्पष्ट किया कि  रूट्टे ने संप्रभुता के साथ किसी भी समझौते का प्रस्ताव नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच आगे की बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रूस और चीन कभी भी इस क्षेत्र में आर्थिक या सैन्य रूप से पैर न पसार सकें।

गौरतलब है कि  ट्रम्प पिछले कई सप्ताह से डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने की इच्छा जता रहे थे, जिससे नाटो गठबंधन और अरबों डॉलर के ट्रांस अटलांटिक व्यापार पर संकट मंडराने लगा था।