2025 में अरबपतियों की संख्या 3,000 के पार, संपत्ति 18.3 ट्रिलियन डॉलर पर

एआई बूम और शेयर बाजार की तेजी से अमीर और अमीर, संपत्ति का केंद्रीकरण रिकॉर्ड स्तर पर

2025 में अरबपतियों की संख्या 3,000 के पार, संपत्ति 18.3 ट्रिलियन डॉलर पर

नई ‎दिल्ली, 20 जनवरी (वेब वार्ता)। साल 2025 में दुनिया भर में अरबपतियों की संख्या पहली बार 3,000 के आंकड़े को पार कर गई है। ऑक्सफैम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर 18.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

यह रिपोर्ट दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से ठीक पहले जारी की गई है। ‎रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में अरबपतियों की संपत्ति में 16 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

साल 2020 की तुलना में यह बढ़ोतरी 81 फीसदी रही है, यानी करीब 8.2 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा। रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ नवंबर 2024 के बाद एक साल में संपत्ति की ग्रोथ 16.2 फीसदी रही, जो महामारी के बाद की औसत वृद्धि से लगभग तीन गुना अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों के बढ़ते वैल्यूएशन ने अमीरों की दौलत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका के अरबपतियों की संपत्ति सबसे तेजी से बढ़ी है, हालांकि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी डबल डिजिट ग्रोथ देखी गई है।

फोर्ब्स की रियल-टाइम लिस्ट के मुताबिक, एलन मस्क 779.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अक्टूबर 2025 में मस्क 500 अरब डॉलर की संपत्ति पार करने वाले पहले व्यक्ति बने थे। स्पेसएक्स के संभावित आईपीओ और टेस्ला के शेयरों में मजबूती से उनकी दौलत में तेज उछाल आया।

भारत में मुकेश अंबानी 104.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ सबसे अमीर बने हुए हैं, जबकि गौतम अडानी 89.6 अरब डॉलर और सावित्री जिंदल 40.2 अरब डॉलर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दुनिया में संपत्ति का केंद्रीकरण अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 12 सबसे अमीर लोगों के पास उतनी ही दौलत है जितनी दुनिया की आधी आबादी के पास भी नहीं, जिससे वैश्विक आर्थिक असमानता पर चिंता बढ़ गई है।

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