ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया बैन को महीनेभर से ज्यादा समय बीता, कितना प्रभावी रहा ये फैसला?
सिडनी, 17 जनवरी (वेब वार्ता)। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
इस फैसले को लागू हुए करीब एक महीना हो गया। क्या आप जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में इस फैसले के लागू होने के बाद की जमीनी हकीकत क्या है।
यूरो न्यूज ने बताया कि एक महीने के अंदर सोशल मीडिया कंपनियों ने नाबालिगों के लगभग 50 लाख अकाउंट हटा दिए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेट रेगुलेटर ने बताया कि सोशल मीडिया कंपनियों ने 10 दिसंबर से लागू हुए कानून का पालन करने के लिए 16 साल से कम उम्र के लोगों के लगभग 4.7 मिलियन अकाउंट हटा दिए हैं।
ई-सेफ्टी कमिश्नर ने कहा कि इस सिलसिले में गुरुवार को एक डाटा भी जारी किया गया। यह डाटा इस बात का शुरुआती संकेत है कि बड़े प्लेटफॉर्म 16 साल से कम उम्र के लोगों को अकाउंट रखने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने कहा, “मैं इन शुरुआती नतीजों से बहुत खुश हूं। यह साफ है कि डिजिटल सुरक्षा की रेगुलेटरी गाइडेंस और प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ाव पहले से ही अच्छे नतीजे दे रहा है।”
ये आंकड़े कम्प्लायंस पर पहला सरकारी डाटा हैं। इसके अनुसार, टेक कंपनियां नियमों का पालन करने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं। डेनमार्क जैसे दूसरे देश पहले से ही ऐसे ही कानूनों पर नजर रखे हुए हैं।
नॉर्डिक देश ने नवंबर में घोषणा की थी कि उसने 15 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के लिए सोशल मीडिया का एक्सेस ब्लॉक करने के लिए एक समझौता किया है।
इसे 2026 के मध्य तक कानून बनाया जा सकता है। नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप के पांच संप्रभु राष्ट्रों (डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड) और उनके संबंधित स्वायत्त क्षेत्रों (ग्रीनलैंड, फरो आइलैंड्स, आलैंड) का एक समूह है। इन नियमों का उल्लंघन होने पर प्लेटफॉर्म पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है।
इनमैन ग्रांट ने माना कि कुछ 16 साल से कम उम्र के अकाउंट अभी सक्रिय हैं और कहा, “हालांकि कुछ बच्चे सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए क्रिएटिव तरीके ढूंढ सकते हैं, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि समाज में हमारे दूसरे सुरक्षा कानूनों की तरह, सफलता नुकसान को कम करने और कल्चरल नियमों को फिर से सेट करने से मापी जाती है।”
