भारत ने वेनेजुएला की स्थिति पर जतायी चिंता, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का किया आह्वान
लक्जमबर्ग/नई दिल्ली, 07 जनवरी (वेब वार्ता)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत का मुख्य ध्यान वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने सभी पक्षों और संबंधित हितधारकों से संवाद का रास्ता अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान किया।
लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री जेवियर बेटटेल के साथ बातचीत में श्री जयशंकर ने वेनेजुएला के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर वास्तव में चिंतित हैं और वह इसमें शामिल सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे एक साथ बैठें और ऐसी स्थिति पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो।
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। मंत्रालय ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपना समर्थन दोहराया और संकट के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद पर जोर दिया। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक यात्रा परामर्श भी जारी किया है, जिसमें उन्हें वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और काराकस के भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला पर हुयी एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में अमेरिकी हिरासत में हैं। उन पर कथित तौर पर नार्को-टेररिज्म यानी नशीली दवाओं के आतंकवादी करतूतों को चलाने में शामिल होने के आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। मादुरो दंपति ने सोमवार को नशीले पदार्थों और हथियारों से जुड़े आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है।
