कोरोना कहर- मिस्र में क्रूज पर फंसे 17 भारतीय, बचाने की अपील की


(PC : theguardian.com)

चेन्नई (ईएमएस)। कोरोना के कहर से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में भी इससे जुड़े मामलों की संख्या 43 पहुंच गई है। इस बीच मिस्र के पास नील नदी में एक क्रूज़ को निगरानी में रखा गया है, इस क्रूज़ में 17 भारतीय भी मौजूद हैं। ये भारतीय तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं, जो कि घूमने के लिए मिस्र गए थे। मिस्र के लक्ज़र शहर के पास मौजूद नील नदी में एक क्रूज़ मौजूद है, जिसका नाम ‘ए सारा’ है। इस क्रूज़ में 18 भारतीय मौजूद हैं, जो तमिलनाडु से एक टूर पैकेज पर गए थे। ये ग्रुप 27 फरवरी को भारत से गया था, इस ग्रुप को 7 मार्च को वापस लौटना था। मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा, 6 मार्च को इस शिप की जांच की गई थी और सभी टूरिस्टों का टेस्ट किया गया था। इनमें से कुल 33 टूरिस्ट और 12 क्रू मेंबर पॉजिटिव पाए गए थे। चेन्नई का रहने वाला एक टूरिस्ट अस्पताल में भी भर्ता कराया गया। इसके अलावा उनकी पत्नी को निगरानी में रखा गया है।

शिप पर जब कोरोना वायरस की बात फैली तो हलचल मच गई। शुरुआती दो दिनों की निगरानी के दौरान लोगों में पैनिक था, क्योंकि किसी को कुछ जानकारी नहीं थी कि क्या करना है। हालांकि, अब स्थानीय सरकार की मदद आने के बाद माहौल थोड़ा ठीक है। भारतीय टूरिस्टों के परिवार के सदस्यों ने मिस्र में मौजूद भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है और मदद की गुहार लगाई गई है। अभी सभी टूरिस्टों को खाना दिया जा रहा है और साथ ही दवाईयों की सप्लाई भी की गई है। क्रूज के हालात को बयां करते हुए वनीता रंगराज ने बताया कि क्रूज के कमरे में बैठना किसी जेल में बैठने के समान है। एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया है, जिसकी वजह से उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। हमें यहां पर चौदह दिन तक रहने के लिए कहा गया है।