2050 तक एशिया में पानी की गंभीर किल्लत होगी: शोध


न्यूयार्वâ,। दुनिया की लगभग आधी आबादी वाले एशिया महाद्वीप में साल २०५० तक पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा। एक नए शोध में हुए खुलासे के मुताबिक पानी की इस किल्लत का मुख्य कारण बढ़ती आबादी और वर्तमान पर्यावरण संबंधी व र्आिथक समस्याएं होंगी। इस शोध में कहा गया है कि पानी की किल्लत महज जलवायु परिवर्तन या पर्यावरण पर दबाव का नतीजा नहीं है।
अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नॉलजी की वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक एडम स्क्लॉजर ने बताया, यह केवल जलवायु परिवर्तन का मुद्दा नहीं है। हम इस क्षेत्र की आबादी और अर्थव्यवस्था के कारण संसाधानों की मांग और उनके प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभाव की अनदेखी नहीं कर सकते। हालांकि जलवायु का असर सबसे अधिक है जिसके कारण पर्यावरण पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि यह शोध प्लोस वन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इसमें यह दिखाया गया है कि आबादी में वृद्धि होने और जलवायु में परिवर्तन होने से अगल ३५ सालों में एशिया की बड़ी आबादी गंभीर जल संकट से जूझ रही होगी।