2030 तक चांद पर होगा घर


लंदन । आपने अभी तक सपनों में ही चांद पर घर होने की बात देखी या सोची होगी। लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों और रोबोटिक प्रणालियों के सहयोग से चंद्रमा पर गांव बसाने की योजना २०३० तक हकीकत बन सकती है। वैज्ञानिकों ने कहा कि इसके लिए काफी निवेश और पहल करने की आवश्यकता पड़ेगी। नीदरलैंड में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की `मून २०२०-२०३०: समाqन्वत मानव एवं रोबोटिक खोज का नया युग’ विषय पर एक परिचर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और बाजार से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा कि चंद्र गांव मंगल और अन्य ग्रहों के भावी मानव अभियानों के लिए एक संभावित प्रेरणा स्रोत बन सकता है। अमेरिका में नॉट्रेडेम विश्वविद्यालय के क्लाइव नील ने कहा, सबसे पहले यह तय करना होगा कि चंद्रमा पर मौजूद संसाधन क्या उतना ही महत्वपूर्ण है जितना हम सोचते हैं। हम चंद्रमा के संसाधनों के बारे में चर्चा जारी रखेंगे, लेकिन यह भी देखने की जरूरत है कि क्या उनका इस्तेमाल हो सकता है । यात्रा में भागीदारी के लिए विभिन्न एजेंसियों, उद्योगों और अकादमिक जैसे नए सहयोगियों के लिए रास्ते खोलने होंगे ताकि वैश्विक भागीदारी सुनिाqश्चत हो सके।
२०३० तक पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह चंद्रमा पर संभावनाएं तलाशने के लिए नए सिरे से रणनीति और निरंतर अंतरराष्ट्रीय प्रयास पर जोर देना होगा। चूंकि ये अभियान स्वचालित होंगे, इसलिए मनुष्य और रोबोट में सामंज्सय उतना आसान नहीं होगा। राष्ट्रीय और द्विपक्षीय स्तर को बहुराष्ट्रीय तक ले जाना और इसमें अन्य भागीदारों से सहयोग हासिल करना’ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के आम लक्ष्यों को सरकार संचालित अभियान से जोड़ना भी एक मुाqश्कल है’ अभियानों के लिए वास्तुकला और विज्ञान के अवसरों को निजी क्षेत्र के लिए खोलना भी कम आसान नहीं है।