सुरेशभाई की मदद के लिए जुटे एनआरआई


० अमेरिका में दो पुलिसकर्मियों ने बनाया शिकार
वािंशगटन। अमेरिका के अलबामा में दो पुलिस अधिकारियों की बर्बरता के कारण आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हुए भारतीय सुरेशभाई (५७) की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उनकी मदद के लिए यहां रहने वाले अनिवासी भारतीय एकजुट हो गए हैं। सुरेशभाई के वकील अटॉर्नी हैनरी एफ शेरोड ने बताया कि सुरेशभाई अब बोल सकते हैं लेकिन उन्हें पूरी तरह ठीक होने में लंबा समय लगेगा। कड़ी मेहनत और प्रेरणा के चलते, पटेल की हालत में अपेक्षा से अधिक तीव्रता से सुधार हो रहा है। हालांकि अभी उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में एक लंबा रास्ता तय करना है। शेरोड ने सिटी ऑफ मेडिसन और दो पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा करते हुए उन पर सुरेशभाई की किसी गलती के बिना ही उन पर व्रूâरतापूर्वक हमला करने के आरोप लगाए हैं। भारतीय मूल के अमेरिकियों ने इस घटना पर गुस्सा और हैरानी जाहिर की है। शनिवार शाम तक भारतीय समुदाय ने पटेल के इलाज के लिए १.५ लाख डॉलर जुटा लिए थे। पटेल के पास चिकित्सीय बीमा नहीं है। अपने बेटे और बहू के नवजात शिशु की देखभाल में मदद के लिए हाल ही में अमेरिका आए पटेल के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है। उनका चिकित्सीय बिल ही २.५ लाख डॉलर से ज्यादा पहुंच जाने का अनुमान है।
मेडिसन सिटी पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग के लिए पटेल से माफी मांगी है और एक पुलिस अधिकारी एरिक पार्वâर को निलंबित कर दिया है। उसे इस सप्ताह गिरफ्तार किया गया था लेकिन फिर जमानत पर छोड़ दिया गया। इसी बीच, पार्वâर के मित्रों ने उसकी महंगी कानूनी लड़ाई के लिए धन जुटाने का अभियान शुरू किया है। इसके लिए इन लोगों ने २८५० डॉलर जुटा लिए थे। इनका लक्ष्य १० हजार डॉलर जुटाने का है।