समद्र में मिले भारत से ब्रिटेन भेजे गये तीन अरब के चांदी के सिक्के


जोहान्सबर्ग। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की वित्तीय सहायता के लिए १९४२ में जहाज से भेजे जा रहे ५० मिलियन डालर (लगभग ३ अरब रुपये) के चांदी के सिक्के समुद्री बचाव विशेषज्ञों द्वारा गहराई में प्राप्त किये गये हैं। जहाज को जर्मन पनडुब्बी द्वारा डुबा दिया गया था। मारीशस स्थित समुद्री अनुसंधान संस्थान में ७०० किलोमीटर दक्षिण एटलांटिक समुद्री दीप बचाव अभियान के इंचार्ज सेंट हेलेना ने बताया कि दुर्घटना ग्रस्त एसएस सिटी आफ वैâरो दुर्घटना जहाज समुद्र की ५,१५० मीटर गहराई में पड़ा हुआ था एवं इतनी गहराई से बरामदगी करना एक विश्व रिकार्ड है। डीप ओलिअन सर्च ने बताया है कि जहाज दो टुकड़ा में टूटकर समुद्री सतह की तलछट में दबा हुआ था। जहाज के हिस्सों पर कई मीटर कीचड़ जमा था। इतनी गहराई में अभियान चलाने में काफी तकनीक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था तथा यह अभियान टीम के लिए नया अनुभव था। कार्गो एवं यात्रियों सहित सिटी आफ वैâरो जहाज १९४२ के अंतिम महीनों में ब्राजील में रेसिक एवं वैâपटाउन के रास्ते मुम्बई से ब्रिटेन जा रही था। एवं जहाज में तत्कालीन ब्रिटिश राज के खजाने से भेजे गये १०० टन चांदी के सिक्के एवं २६६ यात्री सवार थे। सूत्रों के मुताबिक डीप ओसियन सर्च फर्म ने अंतर राष्ट्रीय समुद्री बचाव नियमों का पालन करते हुए अवशेष एवं अन्य सामग्रियों वास्तविक मालिक ब्रिटेन के ट्रेजरी खजाने को वापस कर दिया है।