श्रीलंका पहुंचे मोदी, संसद को करेंगे संबोधित


० मोदी की िंहद महासागर द्वीपदेश प्रवास का श्रीलंका अंतिम पड़ाव
० श्रीलंका में सहयोग परियोजना अंतर्गत २० हजार घरों का लोकार्पण
० २८ साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री पहली यात्रा
० ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड वैâमरन के बाद मोदी दूसरे विदेशी नेता
कोलंबो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की सुबह अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंच चुके हैं। २८ साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री श्रीलंका दौरे पर गया है। श्रीलंकाई प्रधानमंत्री विक्रमिंसघे और संस्कृति मंत्री अर्जुन रणतुंगा ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया। मोदी शुक्रवार को ही श्रीलंकाई संसद को संबोधित भी करेंगे।
मोदी दो दिन की यात्रा पर सुबह ५ बजकर २५ मिनट पर कोलंबो पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमिंसघे ने उनकी अगवानी की, प्रधानमंत्री एयर इंडिया के एक विशेष विमान के जरिए मॉरीशस के पोर्ट लुई से यहां पहुंचे। श्रीलंका िंहद महासागर द्वीप देशों के तीन देशों की उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव है। इस यात्रा के तहत वह सेशेल्स और मॉरीशस भी गए। मोदी पिछले २८ वर्षों में श्रीलंका की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं वह शुक्रवार को श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से शिखर सम्मलेन वार्ता करेंगे, जो जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद पिछले महीने अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत भारत गए थे।
प्रधानमंत्री अपने श्रीलंकाई समकक्ष रानिल विक्रमिंसघे से भी वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को और मजबूत करने के अवसर के रूप में माना जा रहा है. उनकी कोलंबो यात्रा १९८७ में राजीव गांधी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा की गई पहली यात्रा भी है।
प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान श्रीलंका की संसद को भी संबोधित करेंगे। वह पूर्व में युद्धग्रस्त रहे जाफना प्रांत जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री और ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड वैâमरन के बाद दूसरे विदेशी नेता होंगे। मोदी वहां भारत की मदद से बने घरों को सौंपेंगे। जाफना में इस तरह के करीब २० हजार घर बनाए गए हैं जिन्हें भारत `श्रीलंका में एक महत्वाकांक्षी सहयोग परियोजना’ करार देता है। उनके तमिल नेशनल एलायंस और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने की भी उम्मीद है। मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव एस जयशंकर भी हैं।
मोदी ने श्रीलंका प्रस्थान से पहले अपने बयान में कहा था, `मैं इस यात्रा को हमारे संबंधों को इसके सभी आयामों- राजनीतिक, रणनीतिक, र्आिथक, सांस्कृतिक, और सबसे बढ़कर, लोगों से लोगों के बीच संपर्वâ- में और भी मजबूत करने के अवसर के रूप में देखता हूं।’