शारीरिक िंहसा से महिलाओं में रक्त वाहिका समस्याएं अधिक


न्यूयार्वâ। एक नए शोध में पाया गया है कि जो महिलाएं शारीरिक िंहसा का शिकार होती हैं, उनमें ह्दय और रक्त वाहिका रोग होने की अधिक संभावना होती है। शारीरिक िंहसा महिलाओं को मानसिक ही नहीं, शारीरिक रूप से भी लंबे समय तक प्रभावित करती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जो महिलाएं एक से अधिक बार शारीरिक िंहसा का शिकार होती हैं, उनकी गर्दन में ाqस्थत रक्त वाहिकाओं के संकुचन की अधिक संभावना होती है, जो माqस्तष्क में रक्त पहुंचाती हैं। यह संकुचन स्ट्रोक के जोखिम की प्रांरभिक निशानी है। इस शोध में दक्षिण मोqक्सको की ४९ साल की ६३४ स्वस्थ महिलाओं को शामिल किया गया था। इस सर्वेक्षण में महिलाओं से बचपन और युवावस्था दोनों में ही िंहसा, शारीरिक िंहसा, शारीरिक या भावनात्मक उपेक्षा और यौन िंहसा संबंधी अनुभवों से जुड़े सवाल पूछे गए थे। इसके साथ ही महिलाओं की गर्दन में रक्त वाहिकाओं की मोटाई मापने के लिए उनका ध्वनि तरंगों के साथ इमेिंजग परीक्षण कराया गया था। अमेरिका के नेशनल हेल्थ इंस्टीटयूट ऑफ पाqब्लक हेल्थ ऑफ मोqक्सको से इस अध्ययन की मुख्य लेखक मारियो फ्लोरर्स का कहना है, ’’समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र दोनों को ही िंहसा के आवरण से पडने वाले जोखिम के महत्व के बारे में जागरूक होने की जरूरत है। यह केवल सामाजिक खुशहाली को ही नहीं बाqल्क महिलाओं की लंबी अवधि के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।’’