यौन िंहसा से महिलाओं को मानसिक रोगों का खतरा


न्यूयार्वâ। यौन िंहसा की शिकार महिलाओं को मानसिक रोगों का खतरा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार यौन िंहसा की शिकार महिलाओं के हार्मोन में बदलाव आ जाता है। इससे वह अवसादग्रस्त होने के साथ ही कई अन्य गंभीर बिमारियों की शिकार हो जाती हैं। यहां तक की उनके संतानों की देखभाल करने के व्यवहार में भी कमी आती है। एक नए अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि कम उम्र की मादा चूहों के साथ यौन अनुभवी बडी उम्र के नर चूहों की जोडी बनाई गई तो उनमें तनाव के हार्मोन का स्तर बढ गया। उनकी सीखने की क्षमता कम हो गई और संतति की देखभाल वाले मातृत्व व्यवहार में भी कमी देखी गई। वहीं रूटगर्स यूनिर्विसटीज स्वूâल ऑफ आटसर्् एंड साइंसेज के शोधदल के प्रमुख ट्रेसी शोर्स ने कहा,यह अध्ययन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमें सभी प्रजातियों के यौन व्यवहार को समझने की जरूरत है। हमें यह भी जानने की जरूरत है कि हमारे लिए एॅसे व्यवहार का क्या मतलब है। ताकि यौन िंहसा व आक्रामकता की शिकार महिलाओं को इससे उबरने में मदद कर सवेंâ। जो महिलाएं यौन िंहसा का शिकार हुई होती है उनके अवसाद, पीटीएसडी व अन्य मनोवस्था संबंधी विकार से पीडित होने की संभावना ज्यादा होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में तकरीबन ३० फीसदी महिलाएं अपने जीवन में किसी न किसी प्रकार की शारीरिक या यौन उत्पीडन का शिकार होती हैं।