यूनिवर्सिटी में आतंकवादियों के हमले में 147 छात्रों हुई मौत, 4 आतंकी ढेर


केन्या। पूर्वाेत्तर केन्या के एक विश्वविद्यालय पर अल शबाब आतंकवादी समूह के आतंकवादियों के हमले में कम से कम १४७ लोगों की मौत हो गई, जबकि ८० घायल हो गए। यह हमला सुबह ५.३० बजे हुआ। सेना की तरफ से जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी भी ढेर हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा की है और घटना पर गहरा दुख भी जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि केन्या में हुआ आतंकी हमला भयानक है। यूनिवर्सिटी कैम्पस में इस तरह का हमला होना बेहद चिंता की बात है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। केन्या के रेड क्रॉस अधिकारियों ने कहा है कि गिरिसा यूनिवर्सिटी कॉलेज में हमले के कम से कम ८० लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमालिया के अल-शबाब आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। अपने रेडियो स्टेशन से उन्होंने कहा कि हमने कई लोगों की हत्या कर दी और केन्याई लोग जब इसे देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे। वहीं, आंतरिक कैबिनेट सचिव जोसेफ एनकासेरी ने गिरिसा में कहा कि घटनास्थल से फरार होने की कोशिश के दौरान संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया और हमले के बारे में उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने गेरिसा में संवाददाताओं से कहा कि संस्थान में ८१५ छात्र और ६० कर्मचारी हैं। सुरक्षाकर्मियों ने सफलतापूर्वक २८० छात्रों तथा सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया है। हमला परिसर के अंदर बने मस्जिद से शुरू हुआ, जहां हमलावरों ने मस्जिद के मौलानाओं की गोली मार कर हत्या कर दी। गोलीबारी से बचे छात्रों ने बताया कि परिसर में कम से कम पांच हमलावर हैं। पुलिस महानिरीक्षक जोसेफ बोइनेट ने कहा कि छात्रावास की सुरक्षा करने वाले पुलिस अधिकारियों व हमलावरों के बीच एक मुठभेड़ हुई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के अंदर हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। बोइनेट ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी एक बयान में कहा कि छात्रावास में घुसते समय हमलावरों को मुंहतोड़ जवाब का सामना करना पड़ा। नेशनल पुलिस सर्विस कमीशन (एनपीएस) के अधिकारियों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों को मिलाकर गठित एक संयुक्त बल घटनास्थल पर पहुंचा और छात्रावास में हमलवारों को मार गिराने की कार्रवाई के लिए मोर्चा संभाल लिया। आधिकारिक खबरों के मुताबिक, ३० से ज्यादा छात्र सुरक्षित रूप से परिसर से भागने में कामयाब हुए हैं। परिसर से भागते समय गोलियों से घायल हुए छात्रों का उपचार किया जा रहा है। केन्या रेडक्रॉस और अन्य सहायता संगठन बचाव सेवाओं के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी समूहों से अभी भी संस्थान को खतरा है। सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि हमें पहले भी खतरा था और इसलिए संस्थान को अलर्ट किया गया था।