मिस्र में अमिताभ को सम्मानित किया


काहिरा। `इंडिया बाइ द नील’ महोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लेने के लिए मिस्र आए बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन को यहां भारतीय समुदाय ने एक कार्यक्रम समारोह में सम्मानित किया। अपने देश के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की एक झलक पाने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़ को देखकर अभिभूत हुए ७२ वर्षीय अभिनेता ने कहा कि मिस्र में आना घर आने जैसा है। मिस्र के भारतीय समुदाय संघ द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बच्चन ने यहां कहा सोमवार रात कहा कि मैं यह सम्मान पाकर बेहद अभिभूत हूं। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं घर आया हूं। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे आप सब से इतना प्यार मिल रहा है।”
मिस्र में भारत के राजदूत नवदीप सूरी ने बच्चन का धन्यवाद किया कि उन्होंने विदेशी जमीन में रह रहे भारतीयों के साथ समय बिताने के लिए समय निकाला। सूरी ने कहा, ”मैं यह कहना चाहता हूं कि यहां रह रहा भारतीय समुदाय छोटा, एकजुट और पेशेवर समूह है। हम जानते हैं कि आपका समय कितना मूल्यवान है और मैं यहां हमारे समुदाय के साथ समय बिताने के लिए आपका शुक्रगुजार हूं। यह हमारे लिए बड़ी बात है।” बच्चन ने दर्शकों से २००० में वित्तीय संकट के दौरान अपने संघर्ष की बातें कीं। उन्होंने बताया कि उस दौर ने उन्हें सबसे अधिक सिखाया और इसी ने उन्हें वह शाqख्सयत बनाया जो वह आज हैं।
यहां तीन दिवसीय यात्रा पर आए बच्चन ने बताया मुझे मुाqश्कल समय में एहसास हुआ कि मुझे काम करना जारी रखना चाहिए। काम करते रहना महत्वपूर्ण है। जब आप काम करना बंद कर देते हैं तो आपको लगता है कि आपका जीवन समाप्त हो गया है। आप अवसादग्रस्त हो जाते हैं। अब मुझे लगता है कि वह एक वरदान था। यदि मैं असफल नहीं हुआ होता तो आज मैं उस जगह पर नहीं होता, जहां मैं हूं।